डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के नाम से फर्जी कॉल करने वाला नर्सिंग ऑफिसर सस्पेंड, जैसलमेर किया गया मुख्यालय
अजमेर के जेएलएन अस्पताल में तैनात नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेंद्र पारीक को विभाग ने निलंबित कर दिया है। आरोप है कि उसने डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा के नाम से फर्जी कॉल कर अधिकारियों को धमकाने की कोशिश की थी। कार्रवाई के बाद निलंबित नर्सिंग ऑफिसर का मुख्यालय जैसलमेर निर्धारित किया गया है।
जानकारी के अनुसार, अजमेर के आदर्श नगर निवासी पुष्पेंद्र पारीक जवाहरलाल नेहरू अस्पताल (जेएलएन) में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत था। उस पर आरोप है कि उसने उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा के नाम का इस्तेमाल करते हुए अधिकारियों को फोन किए और दबाव बनाने का प्रयास किया।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की। विभागीय आदेश के तहत पुष्पेंद्र पारीक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उसका मुख्यालय जैसलमेर रहेगा और उसे नियमानुसार वहां उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
बताया जा रहा है कि फर्जी कॉल मामले में अधिकारियों को शक होने के बाद जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर विभाग ने यह कदम उठाया है। हालांकि, पूरे मामले में आगे की जांच अभी जारी है।
सरकारी पद पर रहते हुए किसी जनप्रतिनिधि या वरिष्ठ अधिकारी के नाम का गलत इस्तेमाल करना गंभीर मामला माना जाता है। प्रशासन ऐसे मामलों में सख्त रुख अपना रहा है, ताकि सरकारी व्यवस्था और अधिकारियों के बीच अनुशासन बना रहे।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो निलंबित कर्मचारी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई संभव है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के नाम से फर्जी कॉल कर प्रभाव जमाने या काम करवाने के मामले सामने आते रहे हैं। प्रशासन लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

