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बाड़मेर में डिजिटल अरेस्ट कर 65 साल के डॉक्टर से 2 करोड़ ठगने वाली नर्स के चौंकाने वाले खुलासे, पुलिस जांच में जुटी

बाड़मेर में डिजिटल अरेस्ट कर 65 साल के डॉक्टर से 2 करोड़ ठगने वाली नर्स के चौंकाने वाले खुलासे, पुलिस जांच में जुटी

राजस्थान के बाड़मेर जिले में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 65 वर्षीय डॉक्टर को उनके ही घर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 2 करोड़ रुपए हड़पने के मामले में आरोपी नर्स को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी नर्स ने डॉक्टर को अलग-अलग तरीकों से डराकर अपने जाल में फंसाया। साइबर ठगों की तर्ज पर पीड़ित को यह विश्वास दिलाया गया कि वह किसी गंभीर कानूनी मामले में फंस गए हैं और उन्हें जांच पूरी होने तक घर से बाहर नहीं निकलना है।

आरोप है कि इसी डर का फायदा उठाकर डॉक्टर से धीरे-धीरे बड़ी रकम ऐंठ ली गई। पीड़ित डॉक्टर ने इस दौरान करीब 2 करोड़ रुपए गंवा दिए। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी नर्स की भूमिका की पड़ताल की।डिजिटल अरेस्ट साइबर अपराध का एक नया तरीका है, जिसमें ठग खुद को पुलिस, जांच एजेंसी या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं। इसके बाद वीडियो कॉल या फोन के जरिए पीड़ित पर लगातार नजर रखने का दावा करते हैं और पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।

बाड़मेर के इस मामले में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी नर्स ने अकेले इस वारदात को अंजाम दिया या उसके साथ कोई और लोग भी शामिल थे। जांच एजेंसियां बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड और पैसों के लेन-देन की जानकारी जुटा रही हैं।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधों को लेकर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा फोन या वीडियो कॉल के जरिए इस तरह घर में रहने या पैसे जमा करने का दबाव नहीं बनाया जाता।

घटना के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान कॉल, वीडियो कॉल या डराने वाली बातों पर तुरंत भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस या किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर पैसे मांगता है तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी नर्स से जुड़े अन्य पहलुओं को खंगाला जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और ठगी के तरीके का खुलासा हो सकेगा।

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