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नौतपा से पहले ही झुलसता उत्तर भारत: वीडियो में जाने बांदा में पारा 48°C के पार, कई शहरों में हीटवेव का कहर, 8 छात्राएं बेहोश

नौतपा से पहले ही झुलसता उत्तर भारत: वीडियो में जाने बांदा में पारा 48°C के पार, कई शहरों में हीटवेव का कहर, 8 छात्राएं बेहोश

25 मई से नौतपा शुरू होने से पहले ही उत्तर भारत भीषण गर्मी की चपेट में आ गया है। हालात इतने गंभीर हैं कि उत्तर प्रदेश के बांदा में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे यह शहर दुनिया के सबसे गर्म इलाकों में शुमार हो गया।मौसम आंकड़ों के अनुसार, 20 मई को बांदा का तापमान वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर दर्ज किया गया। इससे अधिक तापमान केवल मिस्र के असवान में 49.4°C और सऊदी अरब के अराफात में 48.4°C रिकॉर्ड हुआ। वहीं, मध्य प्रदेश का खजुराहो भी 47.4°C के साथ दुनिया के सबसे गर्म शहरों की सूची में चौथे स्थान पर रहा।

भीषण गर्मी का असर केवल रिकॉर्ड तापमान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर जनजीवन पर भी पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ाई के दौरान 8 छात्राएं गर्मी के कारण अचानक बेहोश हो गईं। सभी छात्राओं को उल्टी, सिरदर्द और चक्कर आने की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।डॉक्टरों के अनुसार, यह स्थिति हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का परिणाम हो सकती है। लगातार बढ़ते तापमान और लू के कारण बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा खतरा मंडरा रहा है।

इसी बीच मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, ओडिशा और महाराष्ट्र के कुल 16 शहरों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। कई क्षेत्रों में लू की स्थिति बनी हुई है और दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है।विशेषज्ञों का कहना है कि नौतपा शुरू होने से पहले ही इस तरह की गर्मी का पहुंचना जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ते तापमान का संकेत है। आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलें, पर्याप्त पानी पिएं और हीटवेव से बचाव के उपाय अपनाएं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए अलर्ट पर रखा है। भीषण गर्मी का यह दौर न केवल मौसम की चुनौती बनकर सामने आया है, बल्कि यह जनजीवन, स्वास्थ्य और दैनिक गतिविधियों पर भी गहरा असर डाल रहा है।

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