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सोनार दुर्ग क्षेत्र में ‘आवाज रहित’ गोल्फ कार्ट सेवा बनी चिंता का कारण, बढ़ रहे हादसे

सोनार दुर्ग क्षेत्र में ‘आवाज रहित’ गोल्फ कार्ट सेवा बनी चिंता का कारण, बढ़ रहे हादसे

जैसलमेर के ऐतिहासिक सोनार दुर्ग क्षेत्र में हाल ही में शुरू की गई आवाज रहित गोल्फ कार्ट सेवा अब लोगों के लिए सुविधा से ज्यादा परेशानी का कारण बनती नजर आ रही है। पर्यटकों की आवाजाही को सुगम और प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह सेवा अब लगातार हो रहे छोटे-बड़े हादसों के चलते चर्चा में है।

स्थानीय लोगों और दुकानदारों का कहना है कि इन गोल्फ कार्ट्स की सबसे बड़ी समस्या इनका “आवाज रहित” होना है। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले दुर्ग क्षेत्र में जब ये वाहन बिना किसी ध्वनि के गुजरते हैं, तो पैदल चल रहे लोगों को इनके आने का अंदाजा ही नहीं हो पाता। यही कारण है कि कई बार अचानक आमने-सामने की स्थिति बन जाती है, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं।

पिछले कुछ दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां पर्यटक या स्थानीय निवासी इन कार्ट्स की चपेट में आकर घायल हो चुके हैं। हालांकि अधिकांश हादसे मामूली रहे हैं, लेकिन इनकी बढ़ती संख्या ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिमपूर्ण बन गई है।

दुर्ग क्षेत्र में रहने वाले निवासियों का कहना है कि पहले से ही यहां की गलियां काफी संकरी हैं और पर्यटकों की भीड़ रहती है। ऐसे में बिना आवाज के चलने वाले वाहन खतरे को और बढ़ा रहे हैं। कई लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इन कार्ट्स में किसी प्रकार का चेतावनी संकेत या हल्की ध्वनि व्यवस्था अनिवार्य की जाए, ताकि लोगों को इनके आने की जानकारी मिल सके।

वहीं, कुछ पर्यटकों ने भी इस समस्या को महसूस किया है। उनका कहना है कि घूमते समय अचानक पीछे से आ रहे गोल्फ कार्ट का पता नहीं चल पाता, जिससे असहज स्थिति बन जाती है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि यह सेवा पर्यावरण के लिहाज से अच्छी पहल है, लेकिन सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

प्रशासन का कहना है कि इस सेवा को पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द ही सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इसमें कार्ट्स की गति सीमित करना, चेतावनी हॉर्न या साउंड सिस्टम लगाना और चालकों को विशेष प्रशिक्षण देना शामिल हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नई तकनीक और सुविधाएं तभी सफल हो सकती हैं, जब उनके साथ सुरक्षा मानकों का भी पूरी तरह पालन किया जाए।

कुल मिलाकर, सोनार दुर्ग क्षेत्र में शुरू की गई यह गोल्फ कार्ट सेवा जहां एक ओर आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल पहल है, वहीं दूसरी ओर इसके कारण बढ़ रहे हादसे प्रशासन के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। यदि समय रहते आवश्यक सुधार नहीं किए गए, तो यह सुविधा लोगों के लिए जोखिम का कारण बन सकती है।

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