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 न ज्ञापन- न प्रदर्शन, सीएम भजनलाल ने ‘हाथों-हाथ’ पूरी की बेटियों की ये बड़ी मांग 

 न ज्ञापन- न प्रदर्शन, सीएम भजनलाल ने ‘हाथों-हाथ’ पूरी की बेटियों की ये बड़ी मांग

राजस्थान के सीकर जिले के जाजोद गांव में मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने एक बार फिर अपनी संवेदनशील कार्यशैली का परिचय देते हुए छात्राओं के भविष्य से जुड़ी एक महत्वपूर्ण मांग को कुछ ही घंटों में पूरा कर दिया। रात्रि चौपाल कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री के सामने अपने स्कूल में विज्ञान संकाय शुरू करने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए तत्काल अधिकारियों को निर्देश दिए और महज कुछ घंटों के भीतर विज्ञान संकाय खोलने के आधिकारिक आदेश जारी करवा दिए। मुख्यमंत्री के इस त्वरित निर्णय से गांव में खुशी का माहौल है और छात्राओं के चेहरों पर भविष्य को लेकर नई उम्मीद दिखाई दे रही है।

दरअसल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राज्य सरकार की जनसुनवाई और ग्रामीण समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से जाजोद गांव पहुंचे थे। रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने विभिन्न समस्याओं और मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इसी दौरान गांव की छात्राओं ने बताया कि उनके विद्यालय में विज्ञान संकाय नहीं होने के कारण उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। कई छात्राओं के परिवार आर्थिक और सामाजिक कारणों से उन्हें बाहर पढ़ने भेजने में सक्षम नहीं हैं, जिसके चलते कई प्रतिभाशाली छात्राओं की पढ़ाई बीच में ही रुक जाती है।

छात्राओं की बात सुनते ही मुख्यमंत्री भावुक नजर आए और उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने मौके पर मौजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तुरंत आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद प्रशासन हरकत में आया और कुछ ही घंटों के भीतर स्कूल में विज्ञान संकाय शुरू करने की मंजूरी जारी कर दी गई।

मुख्यमंत्री के इस फैसले की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या को इतनी गंभीरता और तत्परता से सुना और तुरंत समाधान भी किया। छात्राओं ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि अब उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए गांव छोड़ने की मजबूरी नहीं होगी। विज्ञान संकाय शुरू होने से क्षेत्र की बेटियों को मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य विज्ञान आधारित क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह कदम केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि बेटियों की शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का मजबूत संदेश है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाओं की कमी लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है, विशेषकर छात्राओं के लिए। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा मौके पर ही निर्णय लेना उनकी संवेदनशीलता और जनहितकारी सोच को दर्शाता है।

जाजोद गांव की यह रात्रि चौपाल अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि संवेदनशील शासन और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई की मिसाल बन गई है। मुख्यमंत्री के इस फैसले ने न सिर्फ छात्राओं के भविष्य को नई दिशा दी है बल्कि आमजन के बीच सरकार के प्रति विश्वास को भी मजबूत किया है।

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