राजस्थान में साइबर फ्रॉड का नया स्वरूप: अलवर में जिला कलेक्टर के नाम पर ठगी का मामला सामने
राजस्थान में साइबर फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और यह प्रशासन व पुलिस के लिए गंभीर सिरदर्द बन गया है। अपराधियों के नए-नए तरीके सभी को हैरान कर रहे हैं और हाल ही में सामने आए मामले ने सरकारी अधिकारियों की भी नींद उड़ा दी है।
ताजा मामला अलवर जिले का है, जहां साइबर अपराधियों ने जिला कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला के नाम का इस्तेमाल कर लोगों से मोटी रकम की मांग की। साइबर फ्रॉड करने वालों ने फोन और डिजिटल संदेशों के माध्यम से नागरिकों को भ्रमित किया और उनसे पैसे की मांग की।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह मामला साइबर अपराधियों द्वारा विकसित नए और पेशेवर तरीके का उदाहरण है। अपराधी अब केवल आम लोगों को नहीं बल्कि सरकारी अधिकारियों और उनके पदों का इस्तेमाल कर ठगी कर रहे हैं, जिससे उनका अपराध और अधिक गंभीर और धोखाधड़ीपूर्ण बन गया है।
अलवर पुलिस और साइबर सेल ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। अधिकारीयों का कहना है कि उन्होंने नागरिकों को सचेत करने के लिए एडवाइजरी जारी की है और लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर पैसा न भेजें और तुरंत साइबर पुलिस को सूचना दें।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासन और पुलिस को अब साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता के स्तर को बढ़ाना होगा। सरकारी अधिकारियों और आम जनता को इस तरह के मामलों से बचाने के लिए प्रशिक्षण और जानकारी बेहद जरूरी हो गई है।
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि साइबर अपराध अब सरकारी अधिकारियों और आम नागरिकों दोनों के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। आने वाले समय में प्रशासन और पुलिस को नवीनतम तकनीकी उपाय और कड़े कानूनी कदम अपनाने होंगे, ताकि साइबर फ्रॉड पर रोक लगाई जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

