सरकारी बैंकों में आज देशव्यापी हड़ताल, वीडियो में देंखे ग्राहकों को हो सकती है परेशानी
देशभर में आज सभी सरकारी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे, जिससे बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होने की संभावना है। समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को लेकर इस एक दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। हड़ताल का मुख्य कारण बैंक कर्मचारियों के लिए पांच दिवसीय कार्य प्रणाली (5-डे वर्किंग) की मांग है, जिसे लेकर यूनियन लंबे समय से आवाज उठा रही है।
हड़ताल के चलते सरकारी बैंकों में कैश ट्रांजैक्शन, चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट जारी करना, पासबुक अपडेट और काउंटर से जुड़े अन्य काम ठप रह सकते हैं। इससे आम ग्राहकों के साथ-साथ व्यापारियों और छोटे उद्यमियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, बैंकों की ओर से अब तक ब्रांच पूरी तरह बंद रखने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण सेवाएं सीमित रहने की आशंका है।
गौरतलब है कि यह लगातार चौथा दिन होगा जब सरकारी बैंकों का कामकाज प्रभावित रहेगा। दरअसल, महीने के चौथे शनिवार (23 जनवरी) को बैंक अवकाश था, इसके बाद रविवार (25 जनवरी) और फिर गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की छुट्टी रही। इन तीन लगातार छुट्टियों के बाद अब हड़ताल के चलते बैंकिंग सेवाओं पर और असर पड़ेगा। ऐसे में जिन ग्राहकों को जरूरी बैंकिंग काम निपटाने थे, उन्हें अतिरिक्त असुविधा हो सकती है।
UFBU का कहना है कि बैंकिंग सेक्टर में काम का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि कर्मचारियों की संख्या में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो रही है। यूनियन का तर्क है कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने से कर्मचारियों को बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस मिलेगा और कार्यक्षमता में भी सुधार होगा। इसके अलावा, यूनियन ने बैंकिंग सुधारों, पर्याप्त भर्ती और कर्मचारियों के हितों की रक्षा से जुड़ी अन्य मांगें भी उठाई हैं।
हालांकि, इस हड़ताल का असर केवल सरकारी बैंकों तक ही सीमित रहेगा। प्राइवेट बैंकों में कामकाज सामान्य रूप से जारी रहेगा, क्योंकि वे UFBU का हिस्सा नहीं हैं। निजी बैंकों की शाखाएं खुली रहेंगी और डिजिटल व काउंटर सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा, ATM सेवाएं और ऑनलाइन बैंकिंग प्लेटफॉर्म भी सामान्य रूप से काम करते रह सकते हैं, हालांकि कुछ जगहों पर कैश की कमी देखने को मिल सकती है।
बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार छुट्टियों और हड़ताल के कारण वित्तीय लेन-देन पर असर पड़ सकता है। खासतौर पर वे ग्राहक, जिनका काम चेक क्लियरेंस या शाखा से जुड़ा है, उन्हें कुछ दिनों का इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसे में ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करें और जरूरी कार्यों की योजना पहले से बना लें।
कुल मिलाकर, सरकारी बैंकों की यह हड़ताल न सिर्फ कर्मचारियों की मांगों को उजागर करती है, बल्कि आम जनता के लिए भी एक अहम मुद्दा बन गई है। अब देखना होगा कि सरकार और बैंक प्रबंधन इस पर क्या रुख अपनाते हैं और कर्मचारियों की मांगों पर क्या फैसला लिया जाता है।

