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जेल से बाहर आए नरेश मीणा, वीडियो में बोले- पूरी ताकत के साथ लड़ेंगे पंचायत राज चुनाव

जेल से बाहर आए नरेश मीणा, वीडियो में बोले- पूरी ताकत के साथ लड़ेंगे पंचायत राज चुनाव

एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामले में जमानत मिलने के बाद नरेश मीणा बुधवार को टोंक जेल से रिहा हो गए। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने आगामी पंचायत राज चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया। नरेश मीणा ने कहा कि अब वह पूरी ताकत के साथ पंचायत राज चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों के बीच राजनीतिक संघर्ष जारी रखने की बात भी कही।जेल से रिहाई के बाद नरेश मीणा ने कहा कि राजनीति में किसी व्यक्ति को सिर्फ चुनाव हराकर ही नहीं, बल्कि किसी निर्दोष व्यक्ति को मामले में फंसाकर भी उसकी राजनीतिक हत्या की जा सकती है। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मामलों और जेल में रहने के दौरान हुई घटनाओं का भी जिक्र किया।

एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामले में जेल गए थे

नरेश मीणा विधानसभा उपचुनाव के दौरान एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामले के बाद चर्चा में आए थे। इस मामले के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था और वह टोंक जेल में बंद थे। अब कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई हुई है।जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने समर्थकों से मुलाकात की और अपनी आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर बात रखी।

समरावता प्रकरण का भी किया जिक्र

नरेश मीणा ने समरावता प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हाईकोर्ट की ओर से लगाई गई शर्तों का पालन किया और इस दौरान कई आंदोलनों से दूरी बनाए रखी। उनके मुताबिक, उन्होंने कोर्ट की शर्तों को ध्यान में रखते हुए खुद को राजनीतिक आंदोलनों से दूर रखा।उन्होंने बताया कि इसी दौरान झालावाड़ में स्कूल हादसा हुआ। नरेश मीणा के अनुसार, इस घटना के बाद वह खुद को रोक नहीं पाए और शांतिपूर्ण धरने में शामिल हुए।

हाईकोर्ट की शर्तों के उल्लंघन का मामला

नरेश मीणा ने दावा किया कि राजस्थान पुलिस ने उनके शांतिपूर्ण धरने में शामिल होने को हाईकोर्ट की शर्तों का उल्लंघन बताते हुए कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश किया। इसके बाद उनकी जमानत खारिज हो गई थी।अब दोबारा जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आए हैं। रिहाई के बाद उन्होंने कहा कि वह आगे पंचायत राज चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेंगे।

पंचायत राज चुनाव को लेकर बढ़ेगी राजनीतिक सक्रियता

नरेश मीणा के इस बयान के बाद पंचायत राज चुनाव को लेकर उनकी राजनीतिक सक्रियता बढ़ने की संभावना है। हालांकि, चुनाव में उनकी भूमिका, उम्मीदवार के तौर पर भागीदारी और अन्य राजनीतिक समीकरण आगे की परिस्थितियों तथा चुनाव प्रक्रिया पर निर्भर करेंगे।उन्होंने रिहाई के बाद अपने समर्थकों के बीच अपनी राजनीतिक दिशा स्पष्ट करते हुए पंचायत राज चुनाव में मजबूती से उतरने की बात कही है।

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