गणेश्वर क्षेत्र में 12 फरवरी को दोपहर करीब 2 बजे हुए विस्फोट मामले में पुलिस ने अहम खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि गणेश्वर धाम के गर्म पानी के कुंड में एक सूटकेस फेंका गया था, जिसके बाद जोरदार धमाका हुआ। प्रारंभिक जांच में इसे शरारत माना गया था, लेकिन गहन पड़ताल के बाद यह मामला तांत्रिक प्रक्रिया और जादू-टोने से जुड़ा पाया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के समय किसी को गंभीर चोटें नहीं आईं, लेकिन घटना ने इलाके में डर और अफरातफरी मचा दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत आसपास का क्षेत्र सील कर दिया और विस्फोट के कारणों की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में यह लगा कि मामला केवल शरारत या धमकाने की कोशिश हो सकती है, लेकिन सूटकेस और उसके अंदर रखी सामग्री की पड़ताल ने मामला बदल दिया।
जांच अधिकारियों ने कहा कि सूटकेस में तांत्रिक सामग्री और जादू-टोने से संबंधित उपकरण पाए गए। इसके आधार पर पुलिस ने इस घटना को अब केवल शरारत के रूप में नहीं, बल्कि अवैध तांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े गंभीर मामले के रूप में दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि सूटकेस फेंकने वाले की पहचान और पीछे छिपे मकसद की जांच जारी है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि गणेश्वर धाम क्षेत्र में अक्सर तांत्रिक गतिविधियां होती रहती हैं, लेकिन इस बार की घटना ने सभी को चौंका दिया। उन्होंने प्रशासन और पुलिस की तत्परता की तारीफ की, जिसने समय रहते विस्फोट के बाद संभावित खतरे को नियंत्रित किया।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में तांत्रिक सामग्री का उपयोग करके सार्वजनिक स्थानों पर विस्फोटक डालना गंभीर अपराध है। इससे न केवल लोगों की जान को खतरा होता है, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस को ऐसे मामलों की निगरानी और रोकथाम के लिए सतर्क रहना चाहिए।
पुलिस ने इस मामले में लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत जानकारी दें और किसी भी अनजान वस्तु को छूने या पास जाने से बचें। उन्होंने कहा कि जन सुरक्षा के दृष्टिकोण से तांत्रिक गतिविधियों और विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि सूटकेस में पाए गए उपकरणों और सामग्री की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, मामले में शामिल किसी भी आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है।
इस प्रकार, नीमकाथाना के गणेश्वर क्षेत्र में 12 फरवरी को हुए विस्फोट का रहस्य खुल गया है। प्रारंभिक रूप से शरारत समझी जाने वाली यह घटना अब तांत्रिक प्रक्रिया और जादू-टोने से जुड़ा गंभीर मामला बन गई है। पुलिस और प्रशासन मामले की गहन जांच कर रहे हैं और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।

