अरावली की तलहटी में बसे जोजावर गांव में एक परिवार 12 दिनों तक अपने बुजुर्ग की मृत्यु को प्राकृतिक मौत मानकर शोक मना रहा था। परंपराओं और रीति-रिवाजों के बीच बीते उन दिनों किसी को अंदाजा भी नहीं था कि उनके जीवन से जुड़ा सबसे बड़ा सच सीसीटीवी कैमरे में कैद है और वह सच बेहद दर्दनाक है।
शोक और अनजानी सच्चाई
परिवार ने मृतक के लिए पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार की तैयारियां की और शोक व्यक्त किया। गांव के लोग भी दुखी होकर परिवार के साथ शामिल हुए। लेकिन जब सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया, तो सामने आया कि मृत्यु की वास्तविक परिस्थितियाँ प्राकृतिक नहीं थीं।
सीसीटीवी फुटेज का खुलासा
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मृतक के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग का अध्ययन किया। इसमें देखा गया कि बुजुर्ग की मौत किसी दुर्घटना या बाहरी कारक से हुई, जो परिवार और गांव के लोगों को पहले पता नहीं चल पाया था। फुटेज ने यह स्पष्ट किया कि मृतक की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से नहीं हुई थी, बल्कि कुछ और घटनाओं का असर था।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
पुलिस और प्रशासन ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। अधिकारी बता रहे हैं कि यह घटना परिवार और गांववासियों के लिए एक चौंकाने वाला अनुभव साबित हुई है। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर अब पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और संभावित जिम्मेदारों की पहचान कर रही है।
सामाजिक और पारिवारिक प्रभाव
12 दिनों तक शोक मनाने के बीच यह सच उजागर होना परिवार के लिए मानसिक और भावनात्मक रूप से भारी रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी घटनाओं से लोगों में सुरक्षा और सतर्कता की भावना मजबूत होती है

