पश्चिमी राजस्थान में मेहरबान हुआ मानसून, जैतारण में 146 मिमी बारिश; गर्मी से राहत, किसानों के खिले चेहरे
राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में रविवार को मानसून पूरी तरह सक्रिय नजर आया। पाली, अजमेर, जोधपुर, बाड़मेर और आसपास के कई जिलों में दिनभर रुक-रुककर तेज बारिश हुई। बारिश के चलते मौसम सुहावना हो गया और पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस व गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली।
सबसे ज्यादा बारिश ब्यावर जिले के जैतारण में दर्ज की गई, जहां 146 मिमी यानी साढ़े पांच इंच से अधिक पानी बरसा। इतनी तेज बारिश से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की कई सड़कें जलमग्न हो गईं। नालों और छोटे बांधों में पानी की आवक बढ़ गई, जबकि कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली।
पाली जिले में भी कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हुई बरसात से मौसम ठंडा हो गया। जोधपुर में बादलों की आवाजाही के बीच कई क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई। वहीं बाड़मेर में भी मानसून ने रफ्तार पकड़ी और लंबे इंतजार के बाद हुई अच्छी बारिश से लोगों ने राहत की सांस ली।
बारिश का सबसे अधिक फायदा किसानों को मिला है। खरीफ फसलों की बुवाई कर चुके किसानों का कहना है कि यह बारिश फसलों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी। खेतों में पर्याप्त नमी आने से बाजरा, मूंग, ग्वार और अन्य खरीफ फसलों की बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है।
हालांकि, भारी बारिश के कारण कुछ स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की भी खबरें सामने आईं। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में मानसून फिलहाल सक्रिय बना हुआ है। अगले 24 से 48 घंटों के दौरान पाली, अजमेर, जोधपुर, बाड़मेर सहित आसपास के कई जिलों में मध्यम से तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
लगातार हो रही बारिश से बांधों, तालाबों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने लगी है, जिससे पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। यदि आगामी दिनों में भी इसी तरह बारिश होती रही तो प्रदेश के पश्चिमी जिलों में जल संकट की स्थिति काफी हद तक कम हो सकती है।

