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राजस्थान में मानसून के बीच गर्मी ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड, पारा 42 डिग्री के पार; अगले 3-4 दिन तेज गर्मी का अनुमान

राजस्थान में मानसून के बीच गर्मी ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड, वीडियो में जाने पारा 42 डिग्री के पार; अगले 3-4 दिन तेज गर्मी का अनुमान

राजस्थान में मानसून की पूरी तरह विदाई अभी नहीं हुई है, लेकिन प्रदेश में गर्मी ने अचानक जोर पकड़ लिया है। बुधवार को राज्य के कई हिस्सों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में दिन के तापमान ने सितंबर के पिछले 10 वर्षों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और बीकानेर में तेज गर्म हवाओं के कारण तापमान सामान्य से करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया।

मौसम में अचानक आए इस बदलाव से लोगों को सितंबर के आखिरी दिनों में भी मई-जून जैसी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण पश्चिमी जिलों में गर्मी का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों तक प्रदेश में मौसम का मिजाज इसी तरह बने रहने की संभावना है।

पश्चिमी जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी

बुधवार को बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और बीकानेर समेत पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा। कुछ स्थानों पर तापमान सामान्य से करीब 5 डिग्री तक अधिक दर्ज किया गया। इन क्षेत्रों में सितंबर महीने के दौरान पिछले 10 साल में दर्ज अधिकतम तापमान के रिकॉर्ड भी टूटे हैं।पश्चिमी राजस्थान में चल रही गर्म हवाओं का असर आसपास के इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। हालांकि, पूर्वी राजस्थान में पश्चिमी हिस्से के मुकाबले स्थिति अलग है, लेकिन यहां भी दिन के समय तेज गर्मी रहने का अनुमान जताया गया है।

मानसून की पूरी तरह विदाई नहीं

राजस्थान से मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी पूरे प्रदेश से मानसून विदा नहीं हुआ है। मानसून फिहाल राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों से ही वापस हुआ है। इसी दौरान पश्चिमी हवाओं की रफ्तार बढ़ने से मौसम में अचानक बदलाव आया है और तापमान तेजी से बढ़ गया।मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी हवाओं का प्रभाव प्रदेश में गर्मी बढ़ने का एक प्रमुख कारण है। मानसून की नमी कम होने और शुष्क हवाओं के प्रभाव से दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का राजस्थान पर सीमित असर

बंगाल की खाड़ी में इस समय एक मजबूत डिप्रेशन सिस्टम बना हुआ है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है, लेकिन राजस्थान तक इस सिस्टम का प्रभाव व्यापक रूप से पहुंचता नजर नहीं आ रहा है। मजबूत पश्चिमी हवाओं के कारण इस सिस्टम की नमी राजस्थान के बड़े हिस्से तक नहीं पहुंच पा रही है।मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों तक राजस्थान में दिन के तापमान में विशेष राहत मिलने की संभावना कम है। पश्चिमी जिलों के साथ पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में भी दिन के समय गर्मी बनी रह सकती है। ऐसे में सितंबर के अंतिम दिनों में मानसून और गर्मी का यह बदला हुआ मिजाज लोगों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है।

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