Samachar Nama
×

राजस्थान में मानसून का ब्रेक, 17 जिलों में सूखे जैसे हालात; वीडियो में जाने 4-5 सितंबर से फिर सक्रिय होने की उम्मीद

राजस्थान में मानसून का ब्रेक, 17 जिलों में सूखे जैसे हालात; वीडियो में जाने 4-5 सितंबर से फिर सक्रिय होने की उम्मीद

राजस्थान में मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है। मानसून आने के बाद शुक्रवार ऐसा पहला दिन रहा, जब प्रदेश में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं हुई। आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने के कारण कई शहरों में दिन का तापमान बढ़ गया। जयपुर, टोंक और अलवर समेत प्रदेश के 15 शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। वहीं श्रीगंगानगर में पारा 40 डिग्री के करीब पहुंच गया।मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में चल रहा मानसून ब्रेक सितंबर के पहले सप्ताह के अंत तक खत्म होने की उम्मीद है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले संभावित वेदर सिस्टम के कारण राजस्थान में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

श्रीगंगानगर सबसे गर्म, पारा 40 डिग्री के करीब

शुक्रवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्मी श्रीगंगानगर में रही। यहां अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जयपुर समेत कई शहरों में भी दिनभर तेज धूप रही।जयपुर, उदयपुर, कोटा, भरतपुर, अजमेर और जोधपुर संभाग के अधिकांश इलाकों में आसमान साफ रहा। बारिश नहीं होने के कारण कई जगह अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक का उतार-चढ़ाव देखने को मिला।मानसून ब्रेक के कारण वातावरण में उमस और गर्मी का असर भी महसूस किया गया। हालांकि रात के तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई।

17 जिलों में सूखे जैसे हालात

इस साल मानसून की स्थिति प्रदेश के कई जिलों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। मानसून के कमजोर रहने के कारण जयपुर सहित 17 जिलों में सूखे जैसे हालात बताए जा रहे हैं।सबसे कम बारिश पाली जिले में हुई है। इसके अलावा जालोर, बांसवाड़ा, जैसलमेर और उदयपुर भी कम बारिश वाले प्रमुख जिलों में शामिल हैं।बारिश की कमी का असर खेती और जलस्रोतों पर पड़ने की आशंका है। लंबे समय तक मानसून सक्रिय नहीं होने पर किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी की जरूरत पड़ सकती है।

4-5 सितंबर से फिर सक्रिय हो सकता है मानसून

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक सितंबर के पहले सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में एक नया वेदर सिस्टम बनने की संभावना है। इस सिस्टम का असर राजस्थान तक पहुंचने पर प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो सकता है।अनुमान है कि 4-5 सितंबर से राजस्थान में बारिश का दौर दोबारा शुरू हो सकता है। हालांकि सिस्टम की स्थिति और उसकी दिशा में बदलाव के आधार पर बारिश की तीव्रता और प्रभावित क्षेत्रों में परिवर्तन संभव है।

सामान्य स्थिति में लौटेगी मानसून ट्रफ

वर्तमान में मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर थोड़ी शिफ्ट हुई हुई है। यह ट्रफ फिलहाल अमृतसर, देहरादून, लखीमपुर खीरी होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में मानसून ट्रफ के धीरे-धीरे अपनी सामान्य स्थिति में लौटने की संभावना है। इसके बाद राजस्थान सहित उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।फिलहाल प्रदेश में बारिश का इंतजार है। अगर बंगाल की खाड़ी में बनने वाला सिस्टम मजबूत रहा और उसका असर राजस्थान तक पहुंचा, तो सितंबर के पहले सप्ताह में प्रदेश के सूखे जैसे हालात वाले जिलों को राहत मिल सकती है। किसानों और आम लोगों की नजर अब अगले कुछ दिनों के मौसम पूर्वानुमान पर टिकी हुई है।

Share this story

Tags