'पैसा भी लिया, बिल भी पास हुए, फिर सफाई कहां' अधिकारियों पर भड़के मंत्री मदन दिलावर
राजस्थान की राजनीति में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर एक बार फिर सख्त बयान सामने आया है। शिक्षा और पंचायती राज विभाग से जुड़े मामलों की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री मदन दिलावर ने अधिकारियों पर जमकर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “पैसा भी लिया, बिल भी पास हुए, फिर सफाई कहां गई?” उनके इस बयान के बाद बैठक में मौजूद अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, मंत्री मदन दिलावर विभिन्न विकास कार्यों और सफाई व्यवस्था से जुड़े प्रोजेक्ट्स की समीक्षा कर रहे थे। इसी दौरान कई जगहों पर फाइलों और जमीनी हकीकत में अंतर सामने आया। बताया जा रहा है कि कुछ मामलों में भुगतान और बिल पास होने के बावजूद काम अधूरा पाया गया, जिससे मंत्री ने सख्त रुख अपनाया।
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जनता के पैसे का सही उपयोग होना चाहिए और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्य केवल कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखने चाहिए। अगर पैसे जारी होने के बाद भी काम पूरा नहीं होता है तो यह गंभीर अनियमितता मानी जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, मंत्री ने कई योजनाओं की फाइलें तलब कर उनकी जांच के आदेश भी दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में सफाई और विकास कार्य अधूरे हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी शिकायतें मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री के सख्त तेवरों के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। कई विभागों ने अपने-अपने स्तर पर रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है ताकि किसी भी तरह की अनियमितता पर जवाब दिया जा सके। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी लंबित कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करें।
इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोगों का कहना है कि यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, वहीं कुछ इसे सख्ती के तौर पर देख रहे हैं।
फिलहाल मंत्री के इस बयान के बाद संबंधित विभागों में कामकाज की गति बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। सरकार का कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

