करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोपी ‘लापता’ सिपाही बना हेड कांस्टेबल, गेगल थाने में वारंट धरे रह गए
अजमेर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोपी एक पुलिसकर्मी न केवल लंबे समय से फरार बताया जा रहा है, बल्कि इस दौरान उसे कथित रूप से पदोन्नति भी मिल गई। आरोपी सिपाही के लापता होने और उसके खिलाफ जारी वारंट पर कार्रवाई नहीं होने से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार मामला एक बड़े आर्थिक घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसमें आरोपी सिपाही पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप लगे थे। मामले के सामने आने के बाद उसके खिलाफ न्यायालय द्वारा वारंट जारी किया गया था, जो गेगल थाना में लंबित पड़े रहे, लेकिन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका।
🚨 वारंट धरे रह गए, आरोपी फरार
जानकारी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ जारी वारंट की तामील समय पर नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि संबंधित थाने में वारंट वर्षों से लंबित रहे, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस बीच आरोपी के लापता रहने की बात भी सामने आई है, जिससे जांच एजेंसियां भी हैरान हैं।
👮 विभागीय व्यवस्था पर सवाल
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी सिपाही के फरार रहने के दौरान ही उसे कथित रूप से हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नति भी मिल गई। इस खुलासे के बाद पुलिस विभाग की आंतरिक जांच प्रक्रिया और रिकॉर्ड मैनेजमेंट पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह भी है कि जब आरोपी लंबे समय से गैरहाजिर था, तो उसकी सेवा स्थिति की समीक्षा क्यों नहीं की गई।
⚖️ जांच और कार्रवाई की मांग
मामले के सामने आने के बाद अब उच्च स्तर पर जांच की मांग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों और विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से न केवल कानून व्यवस्था पर असर पड़ता है, बल्कि आम जनता का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा भी कमजोर होता है।
📂 रिकॉर्ड और निगरानी पर उठे सवाल
सूत्रों के मुताबिक, मामले में दस्तावेजी रिकॉर्ड और निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वारंट तामील में देरी किस स्तर पर हुई और जिम्मेदारी किसकी थी। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि आरोपी की सेवा फाइल में उसकी आपराधिक स्थिति दर्ज क्यों नहीं की गई।
🗣️ स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस विभाग के अंदर ही इस तरह की लापरवाही होगी, तो आम नागरिकों को न्याय मिलने में और अधिक देरी होगी।
📌 आगे की कार्रवाई
फिलहाल मामले की जांच जारी है और उच्च अधिकारियों द्वारा पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब किए जाने की संभावना जताई जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी और फरार आरोपी की तलाश तेज की जाएगी।
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