राजस्थान के सीकर जिले के उद्योगनगर थाना क्षेत्र से 22 फरवरी को लापता हुआ 17 वर्षीय छात्र अब सुरक्षित गुजरात से लौटने के रास्ते पर है। इस मामले में पुलिस की सतर्कता, तकनीकी जांच और थाना अधिकारी की सूझबूझ ने सफलता दिलाई।
जानकारी के अनुसार, छात्र 22 फरवरी को अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने उद्योगनगर थाना में इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत खोज अभियान शुरू किया। पुलिस ने छात्र के मोबाइल ट्रैकिंग, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साधनों का इस्तेमाल करते हुए उसकी लोकेशन ट्रेस की।
थाना अधिकारी और टीम ने स्थानीय और राज्य स्तर पर समन्वय करते हुए गुजरात में संभावित ठिकानों की जांच की। इसी प्रक्रिया के दौरान छात्र को सुरक्षित पाया गया। फिलहाल, पुलिस टीम और परिजन उसे गुजरात से सीकर वापस लाने के लिए रवाना हो चुके हैं।
पुलिस ने बताया कि छात्र की स्थिति सुरक्षित और खतरे से बाहर है। परिजन भी राहत की सांस ले रहे हैं। उन्होंने पुलिस की तत्परता और तकनीकी मदद की तारीफ की।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बरामदगी में तकनीकी साधनों का सही और समय पर इस्तेमाल बेहद महत्वपूर्ण होता है। मोबाइल ट्रैकिंग, सीसीटीवी फुटेज और डेटा एनालिटिक्स ने पुलिस की खोज में निर्णायक भूमिका निभाई।
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस और परिजनों के बीच समन्वय और सतर्कता किसी भी लापता व्यक्ति की सुरक्षित बरामदगी में अहम भूमिका निभा सकती है। थाना अधिकारी की सूझबूझ और टीम का समर्पण इस सफलता का मुख्य कारण रहा।
सीकर जिले में इस प्रकार के मामलों में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और तकनीकी सहयोग ने जनता का भरोसा बढ़ाया है। अधिकारी लगातार यह संदेश दे रहे हैं कि लापता बच्चों और युवाओं की सुरक्षा प्राथमिकता है और हर संभव प्रयास किया जाएगा।
वहीं, परिजनों ने यह भी कहा कि भविष्य में वे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर और अधिक सतर्क रहेंगे। उन्होंने पुलिस और प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सफलता समुदाय और पुलिस के बीच विश्वास और सहयोग का उदाहरण है।
इस प्रकार, सीकर के लापता छात्र की सुरक्षित बरामदगी न केवल परिजनों के लिए राहत का विषय है, बल्कि यह राजस्थान पुलिस की तत्परता और तकनीकी दक्षता का भी प्रतीक बन गई है।

