अजमेर जिले के नसीराबाद शहर में शुक्रवार को एक बेहद संवेदनशील घटना सामने आई। केंद्रीय विद्यालय की कक्षा 9 में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा ने तालाब में छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया।
घटना का विवरण
सूत्रों के अनुसार, छात्रा कम हाइट को लेकर लगातार तानों और मानसिक दबाव से आहत थी। स्कूल की छुट्टी के बाद वह सीधे फ्रामजी चौक स्थित लाल डिग्गी पहुंची और अचानक पानी में कूद गई।
मौके पर प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और कुछ राहगीरों ने तुरंत छात्रा को तालाब से बाहर निकाला। उसे निकटतम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। प्राथमिक जांच में छात्रा की स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
परिवार और समाज की प्रतिक्रिया
छात्रा के परिवार और ग्रामीण इस घटना से गहरे सदमे में हैं। यह घटना समाज के लिए सावधान करने वाला संकेत है कि किशोर मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक दबाव पर ध्यान देना कितना जरूरी है।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि किशोरावस्था में शारीरिक और मानसिक विकास के साथ कई बार बच्चे तनाव और अवसाद का शिकार हो सकते हैं। माता-पिता, शिक्षक और समाज को चाहिए कि वे बच्चों की भावनाओं और परेशानियों को गंभीरता से सुनें और समय पर मदद प्रदान करें।

