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राजस्थान के 5 जिलों में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी, हल्की बारिश और ओलावृष्टि की संभावना

राजस्थान के 5 जिलों में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी, हल्की बारिश और ओलावृष्टि की संभावना

मौसम विभाग ने राजस्थान के 5 जिलों में 180 मिनट के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इन जिलों में हल्की बारिश, आकाशीय बिजली, तेज़ हवा और ओलावृष्टि की संभावना है। येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम में बदलाव हो सकता है और सामान्य नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

मौसम विभाग के सूत्रों ने बताया कि अलर्ट उन जिलों में जारी किया गया है, जहां अचानक मौसम की स्थिति बदल सकती है। येलो अलर्ट का मतलब यह है कि लोगों को अपने दैनिक कार्यों में सावधानी बरतनी चाहिए और विशेषकर कृषि गतिविधियों, सड़क यातायात और बाहरी कामकाज पर ध्यान देना होगा।

अलर्ट के अनुसार, हल्की बारिश और ओलावृष्टि के कारण कृषि क्षेत्र में फसल और बागवानी प्रभावित हो सकती है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने खेत और पौधों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करें। वहीं तेज़ हवा और आकाशीय बिजली के चलते बाहर काम करने वाले लोग सुरक्षित स्थान पर रहें।

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि वर्तमान समय में राजस्थान के कुछ हिस्सों में मौसम प्रणाली अस्थिर है। विशेषकर पहाड़ी और मैदान वाले इलाके, जहाँ ओलावृष्टि और तेज़ हवाओं की संभावना अधिक है, वहां सतर्कता जरूरी है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे मौसम अपडेट और चेतावनियों पर लगातार नजर रखें।

स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने भी जनता से सतर्क रहने का आग्रह किया है। अधिकारियों ने कहा कि सड़क मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी आकस्मिक घटना से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि लोग बिजली गिरने या तेज़ हवा से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।

विशेषज्ञों का मानना है कि येलो अलर्ट जैसी चेतावनी समय रहते जारी होने से हानिकारक घटनाओं और नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि आम जनता को मौसम की जानकारी पर भरोसा करना चाहिए और किसी भी संभावित खतरे से बचाव के लिए तैयार रहना चाहिए।

मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि अलर्ट के दौरान कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली और हल्की बारिश हो सकती है, इसलिए सड़क मार्गों पर वाहन चालक सावधानी बरतें और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सतर्क रहें। इसके अलावा, किसानों और ग्रामीण इलाकों के लोगों को भी सावधानी बरतते हुए फसल और संपत्ति की सुरक्षा करनी होगी।

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