श्रीनगर में पारा माइनस 5.2, डल झील जमी, वीडियो मे जानें राजस्थान में माइनस 3 डिग्री, उत्तर भारत में शीतलहर का प्रकोप
उत्तर भारत इन दिनों कड़ाके की सर्दी की चपेट में है। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में तापमान लगातार गिर रहा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। खासकर जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और हरियाणा में शीतलहर के हालात बने हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड से अभी राहत मिलने की संभावना कम है।
जम्मू-कश्मीर की बात करें तो घाटी में ठंड ने अपने तेवर और तीखे कर लिए हैं। कश्मीर में पिछले कई दिनों से न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है। श्रीनगर में मंगलवार रात न्यूनतम तापमान माइनस 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन के सबसे निचले तापमानों में से एक है। भीषण ठंड के चलते बुधवार को प्रसिद्ध डल झील पूरी तरह जम गई। इसके अलावा कश्मीर के कई अन्य जल स्रोतों पर भी बर्फ की मोटी परत जम गई है। स्थानीय लोगों को पानी की आपूर्ति और आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह और शाम के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है।
राजस्थान में भी सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। रेगिस्तानी राज्य में आमतौर पर ठंड का असर कम देखा जाता है, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। बुधवार को राज्य के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में न्यूनतम तापमान माइनस 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, शेखावाटी अंचल के सीकर जिले के फतेहपुर कस्बे में तापमान 0.2 डिग्री तक पहुंच गया। ठंड के चलते खेतों में पाला पड़ने की आशंका बढ़ गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। मौसम विभाग ने राज्य में 19 जनवरी से हल्की बारिश की संभावना जताई है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।
हरियाणा में भी पहाड़ों से आ रही सर्द हवाओं ने गलन को बढ़ा दिया है। राज्य के कई हिस्सों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। बुधवार को हरियाणा के 8 जिलों में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे दर्ज किया गया। हिसार में तो सर्दी ने पिछले दो साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां न्यूनतम तापमान गिरकर 0.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे पहले 15 जनवरी 2025 को हिसार में तापमान 3.5 डिग्री और 16 दिसंबर 2024 को 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
ठंड के बढ़ते प्रकोप के चलते प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जगह-जगह अलाव जलाए जा रहे हैं, जबकि अस्पतालों में भी ठंड से जुड़ी बीमारियों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में सर्दी का असर इसी तरह बना रह सकता है।

