जाटावास ग्राम पंचायत में सामूहिक पौधरोपण अभियान: ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत लगाए पौधे, संरक्षण का लिया संकल्प
जाटावास ग्राम पंचायत में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सामूहिक पौधरोपण अभियान आयोजित किया गया। अभियान के तहत ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के अंतर्गत ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने पौधे लगाए। इस दौरान लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी भी लोगों ने ली।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और पर्यावरण को बचाने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने का संदेश दिया। पौधरोपण के दौरान लोगों ने संकल्प लिया कि लगाए गए पौधों को केवल लगाकर छोड़ेंगे नहीं, बल्कि नियमित रूप से उनकी देखभाल भी करेंगे।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
पौधरोपण अभियान के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं। बढ़ते प्रदूषण और बदलते मौसम के बीच पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाना जरूरी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपने आसपास हरियाली बढ़ाने और पौधों की सुरक्षा करने की अपील की।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के माध्यम से लोगों को प्रकृति से जुड़ने और अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से जाटावास ग्राम पंचायत में भी सामूहिक रूप से पौधरोपण किया गया।
ग्रामीणों ने ली पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी
कार्यक्रम में लगाए गए पौधों की सुरक्षा को लेकर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों ने पौधों को पानी देने, उनकी देखभाल करने और उन्हें सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें बड़ा करना भी जरूरी है। जब ये पौधे पेड़ बनेंगे तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और बेहतर पर्यावरण मिलेगा।
पंचायत ने की लोगों से अपील
ग्राम पंचायत की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे अपने घरों, खेतों और आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक पौधे लगाएं। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है।
सामूहिक पौधरोपण अभियान के दौरान ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला। लोगों ने पर्यावरण बचाने के लिए आगे भी इस तरह के अभियान जारी रखने की बात कही।
जाटावास ग्राम पंचायत में आयोजित यह पौधरोपण कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। लगाए गए पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी लेने से अभियान को लंबे समय तक सफल बनाए रखने की उम्मीद है।

