RGHS में बड़ा बदलाव: OPD की रूटीन जांच के लिए अब नहीं लेनी होगी पूर्व अनुमति, नई गाइडलाइन लागू
राजस्थान सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के तहत अब OPD में रूटीन जांच कराने की प्रक्रिया को आसान कर दिया गया है। इस संबंध में राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (RSHAA) ने नई गाइडलाइन जारी की है, जो 13 जुलाई यानी सोमवार से लागू हो गई है।
नई व्यवस्था के तहत RGHS लाभार्थियों को सामान्य ओपीडी जांच के लिए पहले की तरह लंबी अनुमति प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। इससे सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को इलाज के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
RSHAA की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, ओपीडी में होने वाली रूटीन जांचों के लिए पूर्व स्वीकृति (प्रायर अप्रूवल) की आवश्यकता को समाप्त किया गया है। इसका उद्देश्य मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रक्रिया को सरल बनाना है।
अब तक कई जांचों के लिए लाभार्थियों को पहले अनुमति लेने की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी, जिससे इलाज में देरी होती थी। नई गाइडलाइन लागू होने के बाद सामान्य स्वास्थ्य जांच के लिए मरीज सीधे अधिकृत चिकित्सा संस्थानों में सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
सरकार के इस निर्णय से हजारों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा मिलेगा। विशेष रूप से बुजुर्ग पेंशनर्स और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने वाले लोगों के लिए यह बदलाव काफी राहत देने वाला माना जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, RGHS को अधिक प्रभावी और सुविधाजनक बनाने के लिए समय-समय पर नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं। नई गाइडलाइन का उद्देश्य लाभार्थियों को कम समय में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
हालांकि, महंगी जांच और बड़े उपचार के लिए निर्धारित प्रक्रिया पहले की तरह लागू रहेगी। इसके लिए संबंधित नियमों और स्वीकृति प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक होगा।
सरकारी कर्मचारी संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि रूटीन जांच के लिए अनुमति प्रक्रिया खत्म होने से समय की बचत होगी और मरीजों को इलाज में आसानी होगी।
RGHS राजस्थान सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजना है, जिसके माध्यम से सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। नई गाइडलाइन लागू होने के बाद योजना के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सरल होने की उम्मीद है।

