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राजस्थान की सियासत में तकरार तेज: गहलोत की नसीहत पर मदन राठौड़ का पलटवार

राजस्थान की सियासत में तकरार तेज: गहलोत की नसीहत पर मदन राठौड़ का पलटवार

राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की हालिया नसीहत पर अब भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने जोरदार पलटवार किया है। राठौड़ के बयान के बाद सियासी माहौल और गर्म हो गया है।

मदन राठौड़ ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अशोक गहलोत खुद अपने बेटे वैभव गहलोत को लेकर ‘पुत्र मोह’ में फंसे रहे हैं और अब दूसरों को बेटों को सरकार से दूर रखने की सलाह दे रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “खुद गुड़ खाएं और दूसरों को गुड़ छोड़ने की सलाह दें, यह ठीक नहीं है।”

राठौड़ ने आगे कहा कि जनता उसी व्यक्ति की सलाह को गंभीरता से लेती है, जो खुद अपने आचरण में भी वैसी ही पारदर्शिता और अनुशासन दिखाता हो। उनके अनुसार, यदि कोई नेता खुद उस सिद्धांत का पालन नहीं करता, जिसकी वह दूसरों को सीख दे रहा है, तो उसकी बातों का असर कम हो जाता है।

यह बयान उस समय आया है, जब हाल ही में अशोक गहलोत ने परोक्ष रूप से राजनीतिक परिवारवाद को लेकर टिप्पणी की थी और नेताओं को अपने परिजनों को सत्ता से दूर रखने की सलाह दी थी। इसी संदर्भ में भाजपा ने अब कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए इसे ‘दोहरे मापदंड’ करार दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजस्थान में आगामी चुनावों और बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच इस तरह की बयानबाजी और तेज हो सकती है। दोनों प्रमुख दल—कांग्रेस और भाजपा—एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के जरिए जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

इस बीच, कांग्रेस की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस पर भी जवाबी हमला देखने को मिल सकता है।

फिलहाल, इस बयान ने राजस्थान की राजनीति में परिवारवाद बनाम नैतिकता की बहस को फिर से हवा दे दी है। आने वाले समय में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, जिससे सियासी माहौल और अधिक गरमा सकता है।

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