राजस्थान में लग्जरी बसों पर शिकंजा: सुरक्षा नियम तोड़ने पर 4 बसें सीज, 9 के चालान; वीडियो में जाने 5.26 लाख का जुर्माना
राजस्थान में लगातार सामने आ रही बस अग्निकांड की घटनाओं के बाद अब लग्जरी बसों की सुरक्षा जांच तेज कर दी गई है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) ने प्रदेशभर में लंबी दूरी की लग्जरी बसों की जांच के लिए एक महीने का विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों की जांच की जा रही है।
अभियान के दौरान जयपुर समेत प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव यानी न्यायिक अधिकारी लग्जरी बसों की जांच कर रहे हैं। जांच में बसों में अग्नि सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मानकों की पड़ताल की जा रही है।
जयपुर में चार लग्जरी बसें सीज
जयपुर में शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महानगर प्रथम और द्वितीय के सचिवों ने अलग-अलग क्षेत्रों में लग्जरी बसों की जांच की।डीएलएसए मेट्रो-1 के सचिव (जज) किशोर कुमार तालेपा ने आगरा रोड पर रिंग रोड के पास लग्जरी बसों की जांच की। इस दौरान सुरक्षा मानकों में खामी मिलने पर कार्रवाई की गई।जांच में नियमों का पालन नहीं करने वाली 4 लग्जरी बसों को सीज कर दिया गया। वहीं, 9 बसों के चालान काटे गए। इन चालानों के जरिए करीब 5 लाख 26 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
बसों में सुरक्षा व्यवस्था की हो रही जांच
रालसा के इस अभियान का उद्देश्य बस यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हाल के दिनों में बसों में आग लगने की घटनाओं के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ाई है।अभियान के तहत यह देखा जा रहा है कि बसों में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध हैं या नहीं, आपात स्थिति में यात्रियों के बाहर निकलने की व्यवस्था कैसी है और अन्य जरूरी सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
7 शहरों में चल रहा विशेष अभियान
रालसा के निर्देश पर प्रदेश के प्रमुख शहरों में यह जांच अभियान चलाया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव लंबी दूरी की बसों को रोककर उनके दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की जांच कर रहे हैं।अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
बस संचालकों में बढ़ी सख्ती की चिंता
लग्जरी बस संचालकों के बीच इस अभियान के बाद हड़कंप मचा हुआ है। परिवहन नियमों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संचालकों पर अब जुर्माने के साथ बस जब्त करने जैसी कार्रवाई भी की जा रही है।प्रशासन का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि बस संचालकों को सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना भी है, ताकि भविष्य में हादसों को रोका जा सके।

