राजस्थान में इन दिनों एलपीजी की किल्लत के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहले जहां संकट मुख्य रूप से कर्मिशयल गैस सिलेंडरों तक सीमित था, वहीं अब इसका असर घरेलू गैस सिलेंडरों पर भी दिखाई देने लगा है। कई शहरों में उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे रसोई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
गैस एजेंसियों के अनुसार सप्लाई में कमी और बढ़ती मांग के कारण यह स्थिति बनी हुई है। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि बुकिंग के बाद भी उन्हें गैस सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है। इसके चलते लोगों को वैकल्पिक व्यवस्थाओं का सहारा लेना पड़ रहा है।
इसी बीच गैस कंपनियों की ओर से एक नया आदेश भी जारी किया गया है, जिसने उपभोक्ताओं की चिंता और बढ़ा दी है। आदेश के अनुसार अब गैस वितरण और बुकिंग की प्रक्रिया में कुछ नए नियम लागू किए जा रहे हैं। कंपनियों का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य सप्लाई व्यवस्था को व्यवस्थित करना और दुरुपयोग रोकना है।
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि कई स्थानों पर ट्रांसपोर्ट और सप्लाई से जुड़ी समस्याओं के कारण गैस सिलेंडरों की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसके अलावा त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में गैस की मांग भी बढ़ जाती है, जिससे सप्लाई पर दबाव पड़ता है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले से ही गैस की बढ़ती कीमतों ने रसोई का बजट बिगाड़ रखा है और अब सप्लाई में देरी से परेशानी और बढ़ गई है। लोगों ने सरकार और गैस कंपनियों से जल्द स्थिति सामान्य करने की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सप्लाई चेन को मजबूत किया जाए और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए तो इस तरह की समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। फिलहाल उपभोक्ता उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में गैस की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी और उन्हें राहत मिलेगी।

