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राजस्थान में LPG उपभोक्ताओं की बढ़ी चिंता, वीडियो में जानें तेल कंपनियां मांग रहीं आय की जानकारी, जवाब नहीं देने पर बंद हो सकती है सब्सिडी

राजस्थान में LPG उपभोक्ताओं की बढ़ी चिंता, वीडियो में जानें तेल कंपनियां मांग रहीं आय की जानकारी, जवाब नहीं देने पर बंद हो सकती है सब्सिडी

राजस्थान में घरेलू गैस उपभोक्ताओं के बीच इन दिनों एक मैसेज चर्चा का विषय बना हुआ है। इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी तेल कंपनियां उपभोक्ताओं को मैसेज भेजकर उनकी आय संबंधी जानकारी मांग रही हैं। इस मैसेज के बाद उज्ज्वला योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत गैस कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है।

कंपनियों की ओर से भेजे जा रहे मैसेज में उपभोक्ताओं से पूछा जा रहा है कि क्या उनकी या उनके परिवार की सालाना आय 10 लाख रुपये से अधिक है। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि उपभोक्ता को इस जानकारी पर कोई आपत्ति है तो वे 7 दिन के भीतर संबंधित पोर्टल या टोल-फ्री नंबर पर अपनी शिकायत या जानकारी दर्ज करवाएं।

मैसेज में यह चेतावनी भी दी जा रही है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई जवाब नहीं दिया गया, तो उपभोक्ता की एलपीजी सब्सिडी बंद की जा सकती है। इसी कारण बड़ी संख्या में लोग असमंजस और चिंता की स्थिति में हैं।

दरअसल, केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत लाखों परिवारों को घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी दी जाती है। खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभार्थियों को इसका सीधा फायदा मिलता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेल कंपनियां पात्र और अपात्र उपभोक्ताओं की पहचान के लिए यह प्रक्रिया चला रही हैं। नियमों के अनुसार, जिन परिवारों की वार्षिक आय 10 लाख रुपये से अधिक होती है, वे एलपीजी सब्सिडी के पात्र नहीं माने जाते। इसी आधार पर डेटा अपडेट और सत्यापन की प्रक्रिया की जा रही है।

हालांकि, कई उपभोक्ताओं को यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें क्या जवाब देना है और किस प्रक्रिया का पालन करना होगा। ग्रामीण और कम पढ़े-लिखे उपभोक्ताओं में इसे लेकर अधिक भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे किसी भी फर्जी कॉल या लिंक से सावधान रहें और केवल आधिकारिक पोर्टल या टोल-फ्री नंबर के जरिए ही जानकारी साझा करें। साथ ही, यदि किसी को मैसेज मिला है तो वह अपने गैस एजेंसी या संबंधित कंपनी के आधिकारिक माध्यम से इसकी पुष्टि जरूर कर ले।

फिलहाल इस प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज है और बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपनी सब्सिडी बंद होने की आशंका को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।

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