जिले में सोमवार देर रात पेट्रोल-डीजल की कमी और पेट्रोल पंप बंद होने की अफवाह फैल गई, जिसके बाद लोगों में अचानक दहशत का माहौल बन गया। अफवाह का असर इतना तेज रहा कि देर रात तक पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
स्थिति यह रही कि कई लोग केवल अपनी गाड़ियों की टंकियां ही नहीं, बल्कि केन, बोतल और कैंपर में भी पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए पंपों पर पहुंच गए। अचानक बढ़ी मांग के चलते कई पेट्रोल पंपों पर किल्लत जैसी स्थिति बन गई और व्यवस्था बिगड़ने लगी।
भीड़ बढ़ने के कारण कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति भी देखने को मिली। पंप संचालकों के लिए हालात संभालना मुश्किल हो गया, क्योंकि कुछ ही समय में सामान्य से कई गुना अधिक लोग ईंधन लेने पहुंच गए।
हालांकि, जिला प्रशासन ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश की। अधिकारियों ने साफ किया कि जिले में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य रूप से जारी है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और बिना वजह पेट्रोल-डीजल का स्टॉक न करें। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की अफवाहें न केवल लोगों में डर पैदा करती हैं, बल्कि व्यवस्था को भी प्रभावित करती हैं।
जिला प्रशासन ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में किसी तरह की वास्तविक समस्या होती है, तो उसकी जानकारी तुरंत आधिकारिक माध्यमों से दी जाएगी, इसलिए लोग केवल भरोसेमंद स्रोतों पर ही विश्वास करें।
फिलहाल, प्रशासन की समझाइश के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि अफवाहें कितनी तेजी से हालात को बिगाड़ सकती हैं।

