Samachar Nama
×

लोकसभा और राज्यसभा में हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित, वीडियो में जाने राहुल गांधी पर केंद्रीय मंत्री का तंज

लोकसभा और राज्यसभा में हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित, वीडियो में जाने राहुल गांधी पर केंद्रीय मंत्री का तंज

संसद में शुक्रवार को भी लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा और नारेबाजी का सिलसिला जारी रहा। लोकसभा में कार्यवाही लगातार बाधित हुई और इस कारण पहली बार केवल 3 मिनट और दूसरी बार 7 मिनट तक ही सत्र चल सका। बाद में लोकसभा को 9 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इसी तरह, राज्यसभा की कार्यवाही को भी सोमवार तक स्थगित कर दिया गया।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्‌टू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि “उन्हें कल सबने बालक कहा। आज प्रधानमंत्री की पाठशाला थी, जिसमें बच्चों को कामयाब होना सिखाया गया। अगर राहुल गांधी भी पीएम की पाठशाला में चले जाएं तो उनकी जिंदगी में सफलता निश्चित है।” बिट्‌टू के इस बयान के बाद संसद में हल्की हंसी और चर्चा भी देखने को मिली।

गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया था। इस दौरान भी हंगामे के बीच कार्यवाही हुई। विशेष बात यह रही कि लोकसभा में 2004 के बाद पहली बार यह धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास किया गया। वहीं, राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बाद पारित हुआ।

विशेषज्ञों के अनुसार, संसद में लगातार हंगामा और नारेबाजी राजनीतिक ध्रुवीकरण और विपक्ष के प्रदर्शन का प्रतीक है। वे बताते हैं कि इस प्रकार की घटनाएँ कार्यवाही की प्रक्रिया को बाधित करती हैं और सरकारी योजनाओं और विधेयकों पर ध्यान देने में दिक्कत आती है।

लोकसभा और राज्यसभा में स्थगन के कारण कई महत्वपूर्ण मुद्दों की चर्चा आगे बढ़ाने में विलंब हो गया है। इसके अलावा, राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं पर केंद्रीय मंत्रियों की तंजपूर्ण टिप्पणियों ने संसद में राजनीतिक बयानबाजी को बढ़ावा दिया है।

विशेष रूप से, संसद के स्थगन के फैसले के बाद राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि यह संसदीय कार्यवाही में सुधार और शांति बनाए रखने की आवश्यकता को उजागर करता है। साथ ही, इस तरह की घटनाएँ जनता के बीच राजनीतिक तनाव और बहस को भी बढ़ावा देती हैं।

संसद के स्थगन के बाद अब सभी की निगाहें आगामी सत्र पर लगी हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि विपक्ष और सरकार संवाद और सहमति के माध्यम से कार्यवाही में शामिल हों, तो भविष्य में इस तरह के हंगामे को रोका जा सकता है। हालांकि, वर्तमान में राजनीतिक विवाद और बयानबाजी संसद की कार्यवाही में चुनौती बने हुए हैं।

लोकसभा और राज्यसभा में इस प्रकार के स्थगन और राजनीतिक बयानबाजी ने यह साफ कर दिया है कि आगामी सत्र में संसदीय कार्यवाही की गंभीरता और अनुशासन बनाए रखना दोनों पक्षों के लिए बड़ी चुनौती होगी।

Share this story

Tags