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राजस्थान में होटल-जिम से लेकर चाय-पकौड़ी तक महंगे हुए लाइसेंस, वीडियो में जाने सरकार ने बढ़ाई वार्षिक फीस

राजस्थान में होटल-जिम से लेकर चाय-पकौड़ी तक महंगे हुए लाइसेंस, वीडियो में जाने सरकार ने बढ़ाई वार्षिक फीस

Rajasthan सरकार ने होटल, रेस्टोरेंट और छोटे-बड़े कारोबारों के लिए ली जाने वाली वार्षिक लाइसेंस फीस में बड़ा इजाफा कर दिया है। नई दरों के तहत होटल, जिम, ब्यूटी पार्लर, मिठाई की दुकान, बेकरी, चाय-पकौड़ी और फास्ट फूड की मोबाइल शॉप जैसे कई व्यवसायों को अब पहले के मुकाबले ज्यादा शुल्क देना होगा। सरकार के इस फैसले का असर हजारों व्यापारियों और छोटे कारोबारियों पर पड़ने वाला है।नई व्यवस्था के अनुसार अब 51 से 100 कमरों तक के होटलों के लिए लाइसेंस फीस 30 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दी गई है। वहीं 100 से 150 कमरों वाले होटलों के लिए शुल्क 70 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दिया गया है। इसके अलावा 150 से ज्यादा कमरों वाले बड़े होटल संचालकों को अब 1 लाख से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक लाइसेंस फीस देनी होगी।

सरकार ने जिम संचालकों के लिए भी शुल्क में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। अब जिम चलाने के लिए 3 हजार, 3500 और 5 हजार रुपए तक फीस निर्धारित की गई है। जबकि साल 2017 में यही शुल्क क्रमशः 500 रुपए, 1000 रुपए और 2 हजार रुपए हुआ करता था। यानी कुछ श्रेणियों में फीस दोगुनी से भी ज्यादा बढ़ गई है।ब्यूटी पार्लर कारोबार पर भी नई दरों का असर पड़ेगा। अब ब्यूटी पार्लर संचालकों को 1500, 1700 और 2000 रुपए तक लाइसेंस शुल्क देना होगा। इससे पहले वर्ष 2017 में यह शुल्क केवल 250 रुपए, 500 रुपए और 1000 रुपए था। छोटे पार्लर संचालकों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ साबित होगा।

इसी तरह स्ट्रीट फूड और मोबाइल वाहन शॉप चलाने वालों के लिए भी सरकार ने लाइसेंस फीस बढ़ा दी है। चाय, पकौड़ी, फास्ट फूड और अन्य मोबाइल फूड शॉप्स के लिए ट्रेड लाइसेंस फीस अब 1500 रुपए, 2000 रुपए और 3000 रुपए कर दी गई है। पहले यही शुल्क 500 रुपए, 1000 रुपए और 2000 रुपए था।सरकार के इस फैसले के बाद व्यापारिक संगठनों और छोटे कारोबारियों में नाराजगी देखने को मिल रही है। कई व्यापारियों का कहना है कि पहले ही बढ़ती लागत, बिजली बिल और महंगाई के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है, ऐसे में लाइसेंस फीस बढ़ने से छोटे व्यवसायों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।

हालांकि सरकार का तर्क है कि लंबे समय बाद शुल्क में संशोधन किया गया है और नई दरें मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार तय की गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक इससे स्थानीय निकायों की आय बढ़ेगी और व्यवसायिक गतिविधियों के बेहतर नियमन में मदद मिलेगी।विशेषज्ञों का मानना है कि ला इसेंस फीस में बढ़ोतरी का असर आने वाले समय में ग्राहकों पर भी पड़ सकता है। कारोबारी अतिरिक्त खर्च की भरपाई के लिए अपने उत्पादों और सेवाओं के दाम बढ़ा सकते हैं। ऐसे में होटल, जिम, ब्यूटी पार्लर और स्ट्रीट फूड जैसी सेवाएं आम लोगों के लिए थोड़ी महंगी हो सकती हैं।

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