उदयपुर में लेपर्ड का आतंक: महिला समेत 4 लोगों पर हमला, वीडियो में देंखे ग्रामीणों ने 4 मिनट तक झपटने का किया दावा
राजस्थान के उदयपुर में लेपर्ड के हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार सुबह उमरड़ा खेड़ा गांव में आबादी क्षेत्र के पास घात लगाकर बैठे लेपर्ड ने एक महिला समेत चार लोगों पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सभी घायलों को उपचार के लिए उदयपुर के महाराणा भूपाल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।जानकारी के अनुसार, लेपर्ड आबादी वाले इलाके के नजदीक छिपकर बैठा था। बुधवार सुबह जैसे ही ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले, लेपर्ड ने अचानक उन पर झपट्टा मार दिया। हमले में जग्गा पुत्र कालू मीणा, हितेश पुत्र गंगाराम, कालू और लोगरी बाई घायल हो गए।
ग्रामीणों का दावा- करीब 4 मिनट तक हमला करता रहा लेपर्ड
घटना के बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों का दावा है कि लेपर्ड ने जग्गा, हितेश और कालू पर करीब 4 मिनट तक हमला किया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर लेपर्ड को भगाने का प्रयास किया, जिसके बाद वह मौके से जंगल की ओर भाग गया।हमले में घायल चारों लोगों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल सभी का महाराणा भूपाल हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी सक्रिय हो गई है।
एक दिन पहले भी किया था हमला
ग्रामीणों के मुताबिक, इसी गांव में मंगलवार शाम को भी लेपर्ड ने एक ग्रामीण पर हमला किया था। इस घटना में भी एक व्यक्ति घायल हुआ था। लगातार दो दिन लेपर्ड के हमले की घटनाओं के बाद गांव के लोगों में डर का माहौल है।ग्रामीणों का कहना है कि लेपर्ड लगातार आबादी क्षेत्र के आसपास दिखाई दे रहा है। सुबह और शाम के समय लोगों को घरों से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से लेपर्ड को पकड़ने के लिए जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।
आबादी क्षेत्र के पास घूम रहा लेपर्ड
उदयपुर के आसपास के ग्रामीण इलाकों में लेपर्ड की मौजूदगी अक्सर सामने आती रहती है। उमरड़ा खेड़ा में लगातार हो रहे हमलों ने वन विभाग के सामने भी चुनौती खड़ी कर दी है। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए लेपर्ड की निगरानी और उसे पकड़ने के लिए कार्रवाई की जरूरत महसूस की जा रही है। फिलहाल चारों घायल अस्पताल में उपचाराधीन हैं। वन विभाग की टीम लेपर्ड की गतिविधियों पर नजर रखने और उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने के प्रयास में जुटी है। लगातार हो रहे हमलों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।

