भीलवाड़ा में चलती बाइक पर लेपर्ड का हमला, वीडियो में जाने युवक के हाथ-पैर पर लगे नाखून; ग्रामीणों ने पिंजरा लगाकर पकड़ने की मांग की
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में करेड़ा थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध आवरा माता मंदिर के पास शुक्रवार को लेपर्ड ने चलती बाइक पर सवार युवक पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में युवक के हाथ और पैर पर नाखूनों के निशान आए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लोगों ने लेपर्ड को पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजरा लगाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, भीलवाड़ा निवासी नारायण लाल गुर्जर बाइक से चितांबा से करेड़ा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान आवरा माता मंदिर के पास सड़क किनारे घात लगाकर बैठे लेपर्ड ने अचानक चलती बाइक पर छलांग लगा दी। अचानक हुए हमले से युवक संभल नहीं पाया और उसके हाथ-पैर पर नाखूनों से चोटें आईं।
मुख्य मार्ग पर हमले से ग्रामीणों में डर
आवरा माता मंदिर के पास मुख्य मार्ग पर हुई इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में डर बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते से रोजाना लोग आते-जाते हैं। ऐसे में सड़क के पास लेपर्ड की मौजूदगी राहगीरों के लिए खतरा बन सकती है।लोगों के मुताबिक, पहले भी क्षेत्र में लेपर्ड की गतिविधियां देखी जा चुकी हैं। अब चलती बाइक पर हमला होने के बाद ग्रामीण इस रास्ते से गुजरने में भी डर महसूस कर रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से जल्द कार्रवाई कर लेपर्ड को पकड़ने की मांग की है।
पहले भी देखी गई थी लेपर्ड की गतिविधि
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ दिन पहले चितांबा गांव के पास खदानों के डंपिंग क्षेत्र में लेपर्ड की मौजूदगी देखी गई थी। इसकी सूचना वन विभाग को भी दी गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।हालांकि, वन विभाग की ओर से सूचना मिलने के बाद क्या कार्रवाई की गई, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। फिलहाल ग्रामीणों ने क्षेत्र में लेपर्ड की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
पिंजरा लगाकर लेपर्ड पकड़ने की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक लेपर्ड को पकड़ने या उसकी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक लोगों के मन में डर बना रहेगा।ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर मुख्य मार्ग से गुजरने वाले बाइक सवारों और अन्य राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।फिलहाल घटना के बाद आवरा माता मंदिर और आसपास के क्षेत्र में सतर्कता बरतने की जरूरत है। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग मौके पर निगरानी बढ़ाए और लेपर्ड की मौजूदगी की पुष्टि कर लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए।

