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देर रात हुआ राम-भरत मिलन, ऐतिहासिक बारह भाई मेले में उमड़ा जनसैलाब

देर रात हुआ राम-भरत मिलन, ऐतिहासिक बारह भाई मेले में उमड़ा जनसैलाब

जिले के बाड़ी शहर में 168 वर्ष पुराने ऐतिहासिक “बारह भाई मेले” का भव्य आयोजन उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। मेले के दौरान देर रात भगवान राम और भरत के मिलन का भावुक दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शहरवासी उमड़ पड़े। इस दृश्य ने उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया और पूरा माहौल “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा।

मेले की शुरुआत महाराणा प्रताप खेल मैदान से हुई, जहां से दर्जनों आकर्षक झांकियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर भाजपा नेत्री नीरजा अशोक शर्मा, पूर्व विधायक गिर्राज मलिंगा, भाजपा जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत और एसडीएम भगवत शरण त्यागी मौजूद रहे।

झांकियों में रामायण के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया गया, जिसमें राम वनवास, सीता हरण, लंका दहन और अंत में राम-भरत मिलन का दृश्य प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहा। रंग-बिरंगी रोशनी, सजीव प्रस्तुतियों और पारंपरिक संगीत ने पूरे आयोजन को भव्यता प्रदान की।

शहर के मुख्य मार्गों से होकर निकली इन झांकियों को देखने के लिए जगह-जगह लोगों की भीड़ उमड़ी रही। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं देर रात तक सड़कों पर डटे रहे और इस धार्मिक आयोजन का आनंद लेते नजर आए। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

बारह भाई मेला बाड़ी शहर की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो पिछले 168 वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है। यह मेला न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे का भी संदेश देता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के आयोजन शहर की पहचान को जीवित रखते हैं और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं। प्रशासन और आयोजन समिति ने भी मेले को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

कुल मिलाकर, इस वर्ष का बारह भाई मेला भव्यता और उत्साह के साथ संपन्न हुआ, जिसने एक बार फिर बाड़ी शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को उजागर किया।

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