महिला दिवस के अवसर पर कोटा की उस बहादुर महिला को सलाम, जिसने अपने साहस और समर्पण से अलग पहचान बनाई है। कोटा वन विभाग की वनकर्मी प्रेम कंवर को आज लोग प्यार और सम्मान से ‘क्रोकोडाइल क्वीन’ के नाम से जानते हैं।
चंबल नदी के किनारे मगरमच्छों का रेस्क्यू करना आसान काम नहीं है, लेकिन प्रेम कंवर ने अपनी बहादुरी और निपुणता से इसे संभव कर दिखाया है। उनके प्रयासों से कई मगरमच्छ सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए और उनके संरक्षण में महत्वपूर्ण सफलता मिली।
वन विभाग और स्थानीय लोगों ने प्रेम कंवर के इस साहसिक काम की सराहना की है। विशेषज्ञों का कहना है कि उनके समर्पण और जोखिम उठाने की क्षमता न केवल वन्य जीवों के संरक्षण में मदद करती है, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। महिला दिवस के इस मौके पर प्रेम कंवर का योगदान यह देश देता है कि निडरता, कौशल और लगन से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।

