किरोड़ी लाल मीणा का बड़ा आरोप: फसल बीमा योजना में 1150 करोड़ रुपये का घोटाला
राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने फसल बीमा योजना में बड़े पैमाने पर घोटाले का आरोप लगाते हुए बताया कि 1150 करोड़ रुपये का क्लेम अवैध तरीके से पास किया गया। मंत्री ने बताया कि 15,000 भूमिहीन किसानों के नाम पर फसल बीमा किया गया, जबकि ये किसान वास्तविक रूप में योजना के पात्र नहीं थे।
मंत्री के अनुसार, चूरू जिले की सालासर स्थित एसबीआई ब्रांच में 71 फर्जी किसानों के नाम पर बीमा पॉलिसी बनाई गई थी और 9 करोड़ रुपये का क्लेम तैयार किया गया। यह मामला घोटाले की गंभीरता को उजागर करता है और इसे बड़े पैमाने पर जांच की आवश्यकता है।
पुलिस रिपोर्ट और जांच प्रक्रिया
इस मामले में स्थानीय पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच एजेंसियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि फर्जी बीमा क्लेम में कौन-कौन शामिल था और कितनी राशि का दुरुपयोग हुआ। मंत्री ने इस घोटाले को किसानों के अधिकारों और सरकारी संसाधनों की हेराफेरी करार दिया।
मंत्री का बयान और आगे की कार्रवाई
किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि सरकार इस तरह के मामलों में किसी को भी बख्शने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने आश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में फसल बीमा योजना को और अधिक पारदर्शी बनाने के उपाय किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के घोटाले न केवल किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न खड़ा करते हैं। इस मामले में जल्द ही उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित होने की संभावना है।
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
कृषि मंत्री के अनुसार, फसल बीमा योजना का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और फसल नुकसान से सुरक्षा देना है। ऐसे घोटाले योजना के मूल उद्देश्य को कमजोर करते हैं और किसानों के विश्वास को हिला सकते हैं। राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित करने का वादा किया है कि आगे से किसी भी तरह की अनियमितता रोकने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक उपाय लागू किए जाएंगे।
राजस्थान के कृषि क्षेत्र में यह मामला एक चेतावनी के रूप में सामने आया है कि सरकारी योजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है। किसानों के हित और सरकारी फंड की सुरक्षा के लिए यह जांच निर्णायक साबित होगी।

