जयपुर में 6 साल के बच्चे की किडनैपिंग का खुलासा, वीडियो में जाने पिता ने ही भाई और 2 कर्मचारियों के साथ रची थी साजिश
राजस्थान की राजधानी जयपुर में 6 साल के बच्चे के अपहरण के मामले में पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, बच्चे का अपहरण किसी बाहरी बदमाश ने नहीं, बल्कि उसके पिता ने ही अपने भाई और दुकान पर काम करने वाले दो कर्मचारियों के साथ मिलकर कराया था। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित ढूंढ निकाला और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।जांच में सामने आया कि बच्चे की मां करीब तीन महीने पहले पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति के साथ चली गई थी। आरोप है कि वह अपने साथ करीब 3 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी ले गई थी। इसी विवाद के चलते पिता ने पड़ोसी और उसके परिवार पर दबाव बनाने के लिए बच्चे के अपहरण की साजिश रची।
स्कूल से लौटने के बाद लापता हुआ था बच्चा
डीसीपी साउथ राजर्षि राज के अनुसार, आरोपी कालूराम मीणा ने 16 अक्टूबर को शिवदासपुरा थाने में बच्चे के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया था कि उसका 6 साल का बेटा पहली कक्षा में पढ़ता है। स्कूल से लौटने के बाद दोपहर करीब 3:15 बजे वह अपनी चचेरी बहन के साथ घर के पास स्थित आरओ प्लांट पर पानी लेने गया था।इसी दौरान बाइक पर सवार दो नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे और बच्चे को उठाकर ले गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में बाइक सवार संदिग्ध दिखाई दिए। पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने हेलमेट पहन रखा था और बाइक की नंबर प्लेट भी छिपाने की कोशिश की थी।पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान अपहरण की साजिश में परिवार के ही लोगों की भूमिका सामने आई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बच्चे को बरामद कर लिया और उसके पिता समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पत्नी के जाने के बाद बनाई अपहरण की योजना
पुलिस की जांच में कथित तौर पर सामने आया कि कालूराम मीणा की पत्नी करीब तीन महीने पहले पड़ोसी के साथ चली गई थी। आरोप है कि वह अपने साथ लगभग 3 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी ले गई थी। इसी बात को लेकर विवाद चल रहा था।पुलिस के अनुसार, पड़ोसी और उसके परिवार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से बच्चे के अपहरण की योजना बनाई गई। इस साजिश में आरोपी ने अपने भाई और दुकान पर काम करने वाले दो कर्मचारियों को भी शामिल किया।फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। अपहरण की पूरी योजना, आरोपियों की भूमिका और संपत्ति से जुड़े विवाद के अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

