बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन पिछले चार दिनों से जारी था और कलेक्ट्रेट पर चल रहे महापड़ाव ने प्रशासन के लिए चुनौती पैदा कर रखी थी। गुरुवार को इस गतिरोध के टूटने की खबर सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश सरकार के मंत्री केके विश्नोई ने आंदोलनकारियों के समक्ष मंच से बड़ी घोषणा की। मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल और आंदोलनकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद सरकार ने नरमी दिखाते हुए आंदोलनकारियों की मांगों पर सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया।
आंदोलनकारियों की मुख्य मांग थी कि बीकानेर जिले और आसपास के इलाकों में लगे खेजड़ी वृक्षों की कटाई पर रोक और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। मंत्री केके विश्नोई ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और आवश्यक दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे।
आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार के इस कदम से उनका भरोसा बढ़ा है, लेकिन वे यह भी स्पष्ट कर रहे हैं कि कार्रवाई तुरंत और प्रभावी तरीके से होनी चाहिए। बीकानेर कलेक्ट्रेट पर चल रहे महापड़ाव में आंदोलनकारियों ने मंच से मंत्री की घोषणा को स्वागत योग्य बताया।
विश्लेषकों का मानना है कि सरकार की ओर से इस तरह का सकारात्मक रुख अपनाने से न केवल आंदोलन शांत होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और पेड़-पौधों के महत्व को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी।
इस घटनाक्रम से स्पष्ट हो गया है कि संवाद और वार्ता के माध्यम से विवादों का समाधान संभव है, और सरकार ने अपने रुख में लचीलापन दिखाते हुए सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया है।

