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सावन में बदला खाटूश्याम मंदिर की आरतियों का समय, वीडियो में जाने श्रृंगार और संध्या आरती अब नए शेड्यूल के अनुसार होगी

सावन में बदला खाटूश्याम मंदिर की आरतियों का समय, वीडियो में जाने श्रृंगार और संध्या आरती अब नए शेड्यूल के अनुसार होगी

भगवान खाटूश्याम के प्रसिद्ध मंदिर में सावन माह की शुरुआत के साथ ही श्रृंगार आरती और संध्या आरती के समय में बदलाव किया गया है। श्रीश्याम मंदिर कमेटी ने दोनों आरतियों का समय 15 मिनट रीशेड्यूल करते हुए श्रद्धालुओं से नए समय के अनुसार दर्शन की योजना बनाने और मंदिर व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है। श्रीश्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि अब श्रृंगार आरती सुबह 7:15 बजे के बजाय सुबह 7:00 बजे होगी। वहीं, संध्या आरती शाम 7:15 बजे के स्थान पर शाम 7:30 बजे आयोजित की जाएगी। यह बदलाव सावन माह की धार्मिक परंपराओं और मंदिर की निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप किया गया है।

परंपरा के अनुसार बदलता है आरती का समय

श्रीश्याम मंदिर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि मंदिर में हिंदू पंचांग और विभिन्न महीनों की परंपरा के अनुसार आरतियों के समय में समय-समय पर बदलाव किया जाता है। सावन माह में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने और पूजा-अर्चना की विशेष व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह परिवर्तन किया गया है।उन्होंने कहा कि मंदिर की यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और हर बदलाव का उद्देश्य श्रद्धालुओं को व्यवस्थित एवं सुगम दर्शन कराना होता है।

आरती के दौरान होता है बाबा का विशेष श्रृंगार

प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि श्रृंगार आरती और संध्या आरती के दौरान बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार किया जाता है। दोनों आरतियों के बीच बाबा के वस्त्र, आभूषण और सजावट में परिवर्तन किया जाता है, जिससे श्रद्धालुओं को बाबा के अलग-अलग दिव्य स्वरूपों के दर्शन होते हैं।उन्होंने बताया कि बाबा श्याम को प्रतिदिन रंग-बिरंगे ताजे फूलों से सजाया जाता है और आकर्षक बागा (विशेष पोशाक) पहनाई जाती है। हर दिन बाबा का नया श्रृंगार किया जाता है, जबकि विशेष पर्व और उत्सवों पर विशेष सेवा और भव्य सजावट की जाती है।

सावन में बढ़ती है श्रद्धालुओं की भीड़

सावन माह में खाटूश्याम मंदिर में राजस्थान ही नहीं, बल्कि देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी कारण मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए श्रद्धालुओं से नए आरती समय का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।मंदिर कमेटी का कहना है कि सावन के पूरे महीने विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। ऐसे में श्रद्धालु समय से मंदिर पहुंचकर बाबा श्याम के दिव्य श्रृंगार और आरती का लाभ उठा सकते हैं।सावन के शुभ अवसर पर आरती के समय में किए गए इस बदलाव का उद्देश्य परंपराओं का निर्वहन करने के साथ-साथ बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के बीच बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

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