कविता और वर्षा की मौत पर परिवारों ने उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच और 50-50 लाख मुआवजे की मांग
डिलीवरी के बाद जान गंवाने वाली कविता और वर्षा की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। दोनों महिलाओं के परिवारों ने घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने और मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि अगर इलाज के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसकी पूरी जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
परिवार वालों ने दोनों मृतकों के लिए 50-50 लाख रुपये के मुआवजे की भी मांग की है। उनका कहना है कि दोनों परिवारों के लिए यह बेहद मुश्किल समय है। महिलाओं की मौत से परिवारों को न केवल भावनात्मक नुकसान हुआ है, बल्कि छोटे बच्चों और अन्य आश्रित सदस्यों के सामने भी भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है।
डिलीवरी के बाद बिगड़ी तबीयत
परिजनों के मुताबिक कविता और वर्षा की डिलीवरी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में रखा गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। महिलाओं की मौत के बाद परिवार वालों ने इलाज और अस्पताल में उपलब्ध कराई गई चिकित्सा सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए हैं।
परिजनों की मांग है कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए। जांच में यह देखा जाए कि डिलीवरी के दौरान और उसके बाद महिलाओं को किस तरह का उपचार दिया गया, उनकी हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने क्या कदम उठाए और उन्हें समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई या नहीं।
जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग
परिवार वालों का कहना है कि यदि जांच में किसी डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी, अस्पताल प्रशासन या अन्य व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि केवल जांच का आश्वासन पर्याप्त नहीं है, बल्कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी कर दोषियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
परिजनों ने प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं की जांच से न केवल उन्हें न्याय मिल सकेगा, बल्कि भविष्य में प्रसूताओं के इलाज में लापरवाही की संभावनाओं को भी कम किया जा सकेगा।
50-50 लाख रुपये मुआवजे की मांग
कविता और वर्षा के परिवारों ने सरकार और प्रशासन से दोनों परिवारों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। परिजनों के मुताबिक महिलाओं की मौत के बाद परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं। ऐसे में मुआवजा परिवारों को तत्काल राहत देने में मदद कर सकता है।
अब परिवारों की नजर प्रशासन की ओर से की जाने वाली जांच और आगे की कार्रवाई पर है। मौतों की वास्तविक वजह और किसी तरह की चिकित्सकीय लापरवाही हुई थी या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

