कर्पूर चन्द्र कुलिश जन्मशती पर्व: श्रमदान से जागी पर्यावरण चेतना, पौधों की देखरेख कर लिया संरक्षण का संकल्प
पत्रिका के संस्थापक श्रद्धेय कर्पूर चन्द्र कुलिश की जन्मशती पर्व श्रृंखला के तहत शहर में श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में शहरवासियों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान करीब डेढ़ साल पहले पत्रिका की ओर से लगाए गए पौधों की निराई-गुड़ाई कर उनकी देखभाल की गई।
कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों, युवाओं, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने मिलकर पौधों के आसपास की सफाई की, खरपतवार हटाई और उन्हें बेहतर तरीके से विकसित करने के लिए आवश्यक कार्य किए। इस पहल का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित न रहकर उनकी निरंतर देखभाल सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का कार्य नहीं, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है। पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है, तभी हरियाली का सपना साकार हो सकता है।
श्रद्धेय कर्पूर चन्द्र कुलिश के विचारों को याद करते हुए वक्ताओं ने बताया कि उन्होंने हमेशा समाज में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव के लिए कार्य किया। उनकी जन्मशती के अवसर पर आयोजित यह श्रमदान कार्यक्रम उसी विचारधारा को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
शहरवासियों ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया। उन्होंने कहा कि वे न केवल पौधों की देखभाल करेंगे, बल्कि अधिक से अधिक पौधे लगाने और लोगों को इसके लिए प्रेरित करने का भी प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से स्वच्छ और हरित वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। इस पहल को शहर में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और लोग इसे एक प्रेरणादायक कदम के रूप में देख रहे हैं।
कुल मिलाकर, कर्पूर चन्द्र कुलिश जन्मशती पर्व के तहत आयोजित यह श्रमदान कार्यक्रम न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि समाज को एकजुट कर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश भी दे गया।

