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जोधपुर का राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय चैनपुरा बना नवाचार की मिसाल, विज्ञान-एआई और कोडिंग से छात्रों को मिल रही नई पहचान

जोधपुर का राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय चैनपुरा बना नवाचार की मिसाल, विज्ञान-एआई और कोडिंग से छात्रों को मिल रही नई पहचान

शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय चैनपुरा इन दिनों नई पहचान बना रहा है। यहां विद्यार्थियों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और कोडिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की शिक्षा दी जा रही है। इसका परिणाम यह है कि छोटी कक्षाओं के विद्यार्थी भी तकनीक और नवाचार से जुड़कर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं।

विद्यालय में शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही विज्ञान और तकनीक के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कक्षा 5 से लेकर उच्च कक्षाओं तक के बच्चों को कोडिंग, रोबोटिक्स और एआई से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए प्रेरित किया जाता है। इससे विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच विकसित हो रही है और वे नई-नई तकनीकों को समझने में रुचि ले रहे हैं।

विद्यालय प्रशासन का मानना है कि वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा अत्यंत आवश्यक हो गई है। इसलिए छात्रों को शुरुआत से ही डिजिटल तकनीक और नवाचार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। स्कूल में कई ऐसे प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं, जिनमें विद्यार्थियों ने एआई और कोडिंग की मदद से उपयोगी मॉडल विकसित किए हैं।

इन नवाचारों के कारण विद्यालय के छात्र विभिन्न प्रतियोगिताओं में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। कई छात्र विज्ञान और तकनीकी प्रतियोगिताओं में राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेकर पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। इससे विद्यालय का नाम पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।

विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि बच्चों में सीखने की क्षमता बहुत अधिक होती है, बस उन्हें सही दिशा और अवसर देने की आवश्यकता होती है। इसी सोच के साथ स्कूल में प्रयोगात्मक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उन्हें प्रयोग, प्रोजेक्ट और नवाचार के माध्यम से सीखने का अवसर दिया जाता है।

छात्र भी इस तरह की शिक्षा से काफी उत्साहित नजर आते हैं। उनका कहना है कि एआई और कोडिंग सीखने से उन्हें नई तकनीकों के बारे में जानकारी मिलती है और भविष्य में करियर के नए अवसर भी खुलते हैं। कई छात्र भविष्य में वैज्ञानिक, इंजीनियर या तकनीकी विशेषज्ञ बनने का सपना देख रहे हैं।

जोधपुर का यह सरकारी विद्यालय अब अन्य स्कूलों के लिए भी प्रेरणा बनता जा रहा है। यहां अपनाए जा रहे नवाचार और तकनीकी शिक्षा के मॉडल को देखकर शिक्षा विभाग भी इसे एक सफल पहल के रूप में देख रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह सरकारी विद्यालयों में आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए तो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सकते हैं। ऐसे प्रयास न केवल विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत बनाएंगे, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी नई दिशा देंगे।

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