जयपुर-अजमेर रोड के कथित अवैध 7R रिजॉर्ट पर JDA की कार्रवाई फिलहाल रुकी, 8 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
जयपुर-अजमेर रोड स्थित एक कथित अवैध रिजॉर्ट के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई पर फिलहाल रोक लग गई है। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) अपीलीय अधिकरण ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए नोटिसों की क्रियान्विति और आगे की कार्रवाई पर अंतिम निर्णय आने तक रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को निर्धारित की गई है। अधिकरण के इस आदेश के बाद अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे नियमित कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की रफ्तार से जोड़कर देख रहे हैं।
JDA ने 24 जुलाई को जारी किए थे नोटिस
दरअसल, जयपुर विकास प्राधिकरण ने 24 जुलाई को जयपुर-अजमेर रोड स्थित कृषि भूमि पर संचालित बताए जा रहे 7R रिजॉर्ट सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नोटिस जारी किए थे।JDA का आरोप था कि संबंधित भूमि का उपयोग स्वीकृत भू-उपयोग (Land Use) के विपरीत किया जा रहा है। नोटिस में कथित रूप से कृषि भूमि पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने का उल्लेख किया गया था।
नोटिस के खिलाफ अधिकरण पहुंचे संबंधित पक्ष
JDA की ओर से नोटिस जारी कि जाने के बाद संबंधित पक्ष ने JDA अपीलीय अधिकरण में चुनौती दी। सुनवाई के दौरान अधिकरण ने अंतरिम राहत देते हुए फिलहाल नोटिसों पर होने वाली कार्रवाई पर रोक लगा दी।अब इस मामले में अंतिम निर्णय अगली सुनवाई के बाद लिया जाएगा, जो 8 सितंबर को प्रस्तावित है।
सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा मामला
इस प्रकरण से जुड़े एक आवेदन में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी दावा किया गया है कि संबंधित कृषि भूमि पर 7R रिजॉर्ट सहित कई व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।आवेदन में आरोप लगाया गया है कि शिकायतों और पूर्व न्यायिक आदेशों के बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। साथ ही सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि इस मामले को अवैध निर्माणों के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान के दायरे में शामिल कर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।
कानूनी प्रक्रिया पर टिकी निगाहें
फिलहाल JDA अपीलीय अधिकरण के अंतरिम आदेश के चलते संबंधित संपत्ति पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। अब सभी की नजर 8 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर है, जहां अधिकरण मामले के तथ्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे का फैसला करेगा।यह मामला एक बार फिर कृषि भूमि के उपयोग, अवैध निर्माण और शहरी नियोजन से जुड़े नियमों को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, इस मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

