आवासीय भूखंडों पर चल रहे अवैध कारोबार पर JDA सख्त, वीडियो में जाने नोटिस जारी; अब सीलिंग और ध्वस्तीकरण की तैयारी
राजधानी जयपुर में आवासीय भूखंडों पर नियमों के विपरीत संचालित हो रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद प्राधिकरण ने ऐसे संपत्ति मालिकों और व्यवसाय संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। तय समय सीमा में जवाब या अनुपालन नहीं होने पर अब सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
आवासीय क्षेत्रों में चल रहे थे व्यावसायिक प्रतिष्ठान
JDA की जांच में सामने आया कि कई आवासीय कॉलोनियों में बिना अनुमति दुकानों, कार्यालयों, शोरूम, गोदामों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। इससे न केवल भवन उपयोग नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि यातायात, पार्किंग और स्थानीय नागरिकों की सुविधाओं पर भी असर पड़ रहा है।इन्हीं मामलों को चिन्हित कर प्राधिकरण ने संबंधित संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी किए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप अवैध भूमि उपयोग और निर्माण के मामलों में सख्ती बरती जा रही है। इसी क्रम में जयपुर में भी आवासीय भूखंडों के व्यावसायिक उपयोग की समीक्षा की गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।JDA का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की जाएगी और सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
नोटिस के बाद सीलिंग और ध्वस्तीकरण की तैयारी
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जिन संपत्ति मालिकों की ओर से निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाएगा या अवैध उपयोग बंद नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ अगला कदम उठाया जाएगा। इसमें अवैध रूप से संचालित प्रतिष्ठानों को सील करना, अवैध निर्माण हटाना और आवश्यक होने पर ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है।
नियमों के पालन की अपील
JDA ने नागरिकों से भवन उपयोग संबंधी नियमों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्य के अनुसार ही किया जाना चाहिए। यदि किसी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि संचालित करनी है, तो उसके लिए संबंधित नियमों और अनुमतियों का पालन आवश्यक है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
JDA के अनुसार, यह अभियान केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। शहर के विभिन्न इलाकों में आवासीय भूखंडों के दुरुपयोग की जांच जारी है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण का कहना है कि शहर में नियोजित विकास सुनिश्चित करने और मास्टर प्लान के अनुरूप भूमि उपयोग बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

