जालोर में क्रिकेट टीम में चयन के नाम पर 60 लाख की ठगी का आरोप, निजी तस्वीरों से ब्लैकमेलिंग का मामला
राजस्थान के जालोर में क्रिकेट में करियर बनाने के लिए आए एक युवक ने अंडर-23 और रणजी टीम में चयन कराने के नाम पर करीब 60 लाख रुपए ऐंठने और निजी तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। युवक की शिकायत पर कोर्ट इस्तगासे के जरिए अकादमी से जुड़े पांच लोगों के खिलाफ 10 अक्टूबर को कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया गया है। वहीं, मामले में नया मोड़ तब आया, जब अकादमी से जुड़ी एक युवती ने भी इसी युवक पर जबरदस्ती करने, शोषण और फोटो-वीडियो के जरिए बदनाम करने की धमकी देने के आरोप लगाए।
दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद मामला गंभीर हो गया है। पुलिस का कहना है कि युवती की शिकायत भी प्राप्त हुई है और उसकी जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई से क्रिकेट में करियर बनाने जालोर आया था युवक
चितलवाना क्षेत्र के खिरोड़ी निवासी राणाराम उर्फ रणवीर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि वह क्रिकेट में करियर बनाने के उद्देश्य से मुंबई से जालोर आया था। यहां उसने एक क्रिकेट अकादमी में दाखिला लिया। युवक का आरोप है कि अकादमी से जुड़े लोगों ने राजस्थान की अंडर-23 टीम और रणजी टीम में चयन कराने का भरोसा दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, टीम में चयन कराने के नाम पर उससे कथित तौर पर करीब 60 लाख रुपए लिए गए। युवक ने निजी तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल किए जाने का आरोप भी लगाया है। इस मामले में उसने कोर्ट इस्तगासे के माध्यम से अकादमी से जुड़े पांच लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
अकादमी से जुड़ी युवती ने भी लगाए आरोप
मामले में दूसरी ओर अकादमी से जुड़ी एक युवती ने भी युवक के खिलाफ शिकायत दी है। युवती ने उस पर जबरदस्ती करने, शोषण करने और फोटो-वीडियो के जरिए बदनाम करने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं।
कोतवाली थानाधिकारी रामेश्वर लाल भाटी ने बताया कि युवती की ओर से भेजी गई रिपोर्ट डाक के जरिए थाने पहुंची है। रिपोर्ट बुधवार शाम तक प्राप्त हुई थी। पुलिस उसकी जांच करेगी और तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरे मामले की स्थिति
इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल युवक की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है, जबकि युवती की शिकायत पर पुलिस जांच की प्रक्रिया में है।
पुलिस जांच में कथित लेन-देन, क्रिकेट टीम में चयन का भरोसा दिए जाने, निजी तस्वीरों के इस्तेमाल और दोनों पक्षों के आरोपों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल अहम होगी। अभी किसी भी पक्ष के आरोपों को अदालत में साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता।

