चारभुजा और सेवंत्री में 22 सितंबर से लगेगा जलझूलनी एकादशी मेला, तैयारियों को लेकर प्रशासन अलर्ट
राजस्थान के चारभुजा और सेवंत्री क्षेत्र में प्रसिद्ध जलझूलनी एकादशी मेले का आयोजन इस वर्ष 22 सितंबर से किया जाएगा। तीन दिवसीय इस धार्मिक मेले को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। मेले को सफल और व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के लिए तहसील कार्यालय के सभागार में बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता मेला मजिस्ट्रेट एवं कुंभलगढ़ एसडीएम नरेश सोनी ने की। इस दौरान सरकारी विभागों के अधिकारियों, मंदिर प्रबंधन से जुड़े प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित लोगों ने हिस्सा लिया। बैठक में मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई, बिजली, पानी और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि जलझूलनी एकादशी मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन की ओर से सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। मेले के दौरान भीड़ नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
बैठक में मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर रखने, पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए यातायात व्यवस्था की योजना तैयार की जाएगी।
जलझूलनी एकादशी का पर्व धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवसर पर भगवान की शोभायात्रा और विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। चारभुजा और सेवंत्री क्षेत्र में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने स्तर पर तैयारियां समय पर पूरी कर लें, ताकि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
तीन दिवसीय इस मेले को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि इस बार भी मेले का आयोजन परंपरा और श्रद्धा के साथ शांतिपूर्ण माहौल में कराया जाएगा।

