जल जीवन मिशन घोटाला: एसीबी ने सेवानिवृत्त IAS सुबोध अग्रवाल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया
राजस्थान में जल जीवन मिशन (JJM) घोटाला मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम तब उठाया गया जब जांच में यह संदेह उत्पन्न हुआ कि अग्रवाल विदेश भागने की योजना बना सकते हैं।
जानकारी के अनुसार, सुबोध अग्रवाल पर जल जीवन मिशन के अंतर्गत भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के कई आरोप हैं। इन आरोपों में परियोजनाओं के लिए अनियमित धन वितरण, गलत रिपोर्टिंग और कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं का मामला शामिल है। एसीबी ने बताया कि अग्रवाल ने सेवानिवृत्ति के बाद भी कई मामलों में जांच के लिए सहयोग नहीं दिया, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी।
लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद, एयरपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय सीमा से बाहर जाने वाले सभी मार्गों पर अग्रवाल की नजर रखी जाएगी। अधिकारीयों ने बताया कि इस नोटिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच के दौरान आरोपी विदेश न भाग सके और न्यायिक प्रक्रिया बाधित न हो।
एसीबी ने इस घोटाले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। टीम ने विभिन्न विभागों और स्थानीय अधिकारियों से सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड हासिल किए हैं। जांच में यह पाया गया कि परियोजनाओं में अनियमितता के कारण करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ। अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में सभी आरोपी व्यक्तियों की पहचान और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लुकआउट नोटिस किसी भी जांच में एक महत्वपूर्ण कदम होता है। यह सुनिश्चित करता है कि आरोपी देश से बाहर न जाए और जांच प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में समय पर कदम उठाना आवश्यक है ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
राजस्थान में जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ जल की उपलब्धता सुनिश्चित करना था। लेकिन इस परियोजना में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं ने मिशन की छवि को प्रभावित किया है। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता और नियमानुसार की जा रही है।
सुबोध अग्रवाल और उनके वकीलों ने अभी तक इस नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, अधिकारीयों ने स्पष्ट किया कि लुकआउट नोटिस जारी होने के साथ ही अग्रवाल की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की भागने की कोशिश को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीबी ने कहा है कि अन्य संबंधित अधिकारियों और कथित सहयात्री व्यक्तियों के खिलाफ भी जांच जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी दोषियों के खिलाफ समय पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और घोटाले में शामिल धन की वसूली के प्रयास तेज किए जाएंगे।
राजस्थान में जल जीवन मिशन घोटाले का यह मामला अब जनता और मीडिया में चर्चा का विषय बन गया है। इस मामले में एसीबी की सक्रियता और लुकआउट नोटिस जैसे कदम से उम्मीद जताई जा रही है कि जांच निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से पूरी होगी।

