जयपुर का करोड़ों का अत्याधुनिक स्विमिंग पूल बना शौकिया तैराकों का केंद्र, राष्ट्रीय खिलाड़ी छोड़ रहे राजस्थान
राजस्थान में तैराकी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने के उद्देश्य से सवाई मानसिंह (एसएमएस) स्टेडियम में बनाया गया अत्याधुनिक स्विमिंग पूल अपने मूल उद्देश्य से भटकता नजर आ रहा है। खिलाड़ियों का आरोप है कि यह पूल अब पेशेवर तैराकों की बजाय शौकिया तैराकों की सुविधा का केंद्र बन गया है। इसका असर राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी पड़ रहा है।
अभ्यास के लिए मिल रहे केवल 45 मिनट
राष्ट्रीय स्तर के तैराकों का कहना है कि उन्हें नियमित और पर्याप्त अभ्यास का समय नहीं मिल रहा है। कई खिलाड़ियों को प्रतिदिन केवल 45 मिनट ही ट्रेनिंग के लिए दिए जा रहे हैं, जबकि प्रतिस्पर्धी स्तर की तैयारी के लिए कई घंटे अभ्यास की आवश्यकता होती है।खिलाड़ियों का कहना है कि सीमित समय के कारण उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है और ष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करना मुश्किल हो गया है।
राष्ट्रीय पदक विजेता भी राज्य छोड़ने को मजबूर
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि राजस्थान के कुछ राष्ट्रीय पदक विजेता तैराक बेहतर प्रशिक्षण के लिए राज्य से बाहर जाने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार, कई खिलाड़ी चंडीगढ़ जैसे अन्य राज्यों में जाकर नियमित और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण ले रहे हैं।खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्य में विश्वस्तरीय सुविधाएं होने के बावजूद खिलाड़ियों को पर्याप्त अभ्यास नहीं मिलेगा, तो प्रतिभाओं का पलायन जारी रह सकता है।
डेढ़ साल में नहीं मिला नया राष्ट्रीय पदक विजेता
करीब डेढ़ साल से इस स्विमिंग पूल का संचालन मैसर्स देवा स्विमिंग पूल इंस्टीट्यूट के जिम्मे है। आरोप है कि इस अवधि में संस्थान कोई नया राष्ट्रीय पदक विजेता तैराक तैयार नहीं कर सका है।इसको लेकर खेल जगत में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर आधुनिक सुविधाओं के बावजूद अपेक्षित परिणाम क्यों नहीं मिल पा रहे हैं।
क्रीड़ा परिषद ने जारी किया नोटिस
राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद ने स्वीकार किया है कि संचालन से जुड़े कुछ मुद्दों को लेकर संबंधित कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। परिषद के अनुसार, अब तक कंपनी की ओर से नोटिस का कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।परिषद का कहना है कि जवाब मिलने के बाद पूरे मामले की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खिलाड़ियों ने की खेल सुविधाओं को प्राथमिकता देने की मांग
तैराकों और खेल विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य के सबसे बड़े और आधुनिक स्विमिंग पूल का प्राथमिक उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करना होना चाहिए। उनका मानना है कि यदि प्रशिक्षण का समय और संसाधन पेशेवर खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुसार तय किए जाएं, तो राजस्थान तैराकी में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।अब खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की नजर इस बात पर है कि क्रीड़ा परिषद इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या एसएमएस स्टेडियम का स्विमिंग पूल अपने मूल उद्देश्य के अनुरूप खिलाड़ियों के लिए फिर से पूरी तरह उपयोगी बन पाएगा।

