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जयपुर का 86 साल पुराना स्टैच्यू सर्किल फिर निखरेगा, बंसी पहाड़पुर के गुलाबी और करौली के लाल पत्थर से बनेगी डायमंड डिजाइन फ्लोरिंग

जयपुर का 86 साल पुराना स्टैच्यू सर्किल फिर निखरेगा, बंसी पहाड़पुर के गुलाबी और करौली के लाल पत्थर से बनेगी डायमंड डिजाइन फ्लोरिंग

जयपुर की ऐतिहासिक पहचान माने जाने वाले स्टैच्यू सर्किल का सौंदर्य निखारने की तैयारी है। करीब 86 साल पुराने इस स्थल को नया रूप देने के लिए फ्लोरिंग में खास पत्थरों का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रस्तावित योजना के तहत बंसी पहाड़पुर के गुलाबी पत्थर और करौली के लाल पत्थर से डायमंड डिजाइन की फ्लोरिंग तैयार की जाएगी। इससे सर्किल की खूबसूरती बढ़ने के साथ गुलाबी नगरी की स्थापत्य पहचान को भी नया आकर्षण मिलने की उम्मीद है।

स्टैच्यू सर्किल जयपुर के प्रमुख स्थलों में शामिल है। यहां महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय की प्रतिमा स्थापित है। शहर की ऐतिहासिक विरासत और पहचान से जुड़े इस स्थल को बेहतर बनाने की योजना के तहत पत्थरों के रंग और डिजाइन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

गुलाबी और लाल पत्थरों से बनेगा आकर्षक डिजाइन

फ्लोरिंग के लिए बंसी पहाड़पुर के गुलाबी पत्थर और करौली के लाल पत्थर का चयन प्रस्तावित है। इन दोनों पत्थरों के रंगों के मेल से डायमंड डिजाइन तैयार की जाएगी। गुलाबी और लाल रंग का संयोजन परिसर को आकर्षक रूप देने के साथ पारंपरिक राजस्थानी पत्थरकारी की झलक भी पेश कर सकता है।

राजस्थान के बंसी पहाड़पुर और करौली के पत्थर अपनी विशिष्ट रंगत और स्थापत्य कार्यों में उपयोग के लिए जाने जाते हैं। इनका इस्तेमाल ऐतिहासिक इमारतों और सजावटी निर्माण में भी किया जाता रहा है। ऐसे पत्थरों से तैयार फ्लोरिंग किसी सार्वजनिक स्थल के स्वरूप को अलग पहचान दे सकती है।

जीर्णोद्धार और सुधार पर खर्च होंगे 1.30 करोड़ रुपये

जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने स्टैच्यू सर्किल के नवीनीकरण और सुधार कार्य के लिए करीब 1.31 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। आधिकारिक टेंडर के अनुसार, काम गार्डन जोन-1 क्षेत्र में कराया जाना है और इसके लिए तीन महीने की अवधि निर्धारित की गई है। टेंडर 9 अक्टूबर 2026 को जारी हुआ था और बोलियां जमा करने की अंतिम तारीख 14 अक्टूबर 2026 रखी गई है।

इस परियोजना का उद्देश्य स्टैच्यू सर्किल की स्थिति में सुधार करना और परिसर को बेहतर स्वरूप देना है। पत्थरों से तैयार होने वाली फ्लोरिंग और अन्य विकास कार्यों का अंतिम स्वरूप स्वीकृत डिजाइन और निर्माण संबंधी निर्देशों के अनुसार तय होगा।

ऐतिहासिक पहचान को संजोने की कोशिश

जयपुर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों में शामिल स्टैच्यू सर्किल शहर की विरासत से जुड़ा हुआ है। ऐसे स्थलों का रखरखाव शहर की सुंदरता के साथ उनकी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिहाज से भी अहम है।

बंसी पहाड़पुर के गुलाबी और करौली के लाल पत्थर से डायमंड डिजाइन की फ्लोरिंग तैयार करने की योजना पूरी होने पर सर्किल के स्वरूप में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, काम शुरू होने और पूरा होने की वास्तविक तारीख तथा निर्माण के दौरान यातायात या आम लोगों की आवाजाही पर पड़ने वाले असर की विस्तृत जानकारी की पुष्टि संबंधित विभाग से की जानी चाहिए।

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