जयपुर युवती मौत मामला: CBI जांच की मांग को लेकर भाजपा मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठे परिजन, फुटेज में देंखे प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से हुई बातचीत
जयपुर में एक अपार्टमेंट के पोर्च में युवती का शव मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग को लेकर शनिवार को मृतका के परिजन भाजपा प्रदेश मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी की मौत सामान्य नहीं, बल्कि हत्या है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
धरने की सूचना मिलने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ प्रदेश कार्यालय पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उनकी बात सुनी। बातचीत के दौरान उन्होंने परिवार से 10 दिन का समय मांगा और भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
परिजनों ने उठाई CBI जांच की मांग
धरने पर बैठे परिजनों का कहना था कि उन्हें स्थानीय जांच पर भरोसा नहीं है। उनका आरोप है कि मामले के कई पहलुओं की गहराई से जांच नहीं की गई है। इसलिए उन्होंने पूरे मामले की CBI से जांच कराने की मांग की, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिले।
मदन राठौड़ का बयान
मीडिया से बातचीत में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे मामलों में प्रचार-प्रसार पर भी ध्यान देते हैं और मीडिया को भी जिम्मेदारी के साथ रिपोर्टिंग करनी चाहिए।
राठौड़ ने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि मामला केवल न्याय की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे प्रचारित करने की भी कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है किसी ने परिजनों को भाजपा कार्यालय के बाहर धरना देने के लिए प्रेरित किया हो। हालांकि, यह उनका व्यक्तिगत राजनीतिक बयान है।
जांच जारी, अंतिम निष्कर्ष बाकी
पुलिस की ओर से मामले की जांच जारी है और अब तक मौत के कारणों पर कोई अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में युवती की मौत हत्या थी या किसी अन्य कारण से हुई, इसका फैसला जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर परिजन निष्पक्ष जांच और CBI जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत जारी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या मामले में किसी केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग पर कोई निर्णय लिया जाता है।

