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जयपुर विकास प्राधिकरण ने सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त करने में तेज़ी दिखाई, आयुक्त ने समीक्षा बैठक में प्रगति की जांच की

जयपुर विकास प्राधिकरण ने सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त करने में तेज़ी दिखाई, आयुक्त ने समीक्षा बैठक में प्रगति की जांच की

जयपुर, राजस्थान – जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) का सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान लगातार जारी है। इस बीच, JDA आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बुधवार, 4 मार्च को प्रवर्तन शाखा की समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न ज़ोन में कार्यों की प्रगति का जायज़ा लिया। बैठक में विशेष रूप से ज़ोन 10, 13, 14, 15, 16, 22, 23, 24 और 25 में चल रहे कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान आयुक्त महाजन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में किसी भी प्रकार की ढील न बरती जाए और सरकारी जमीनों को संरक्षित किया जाए। अधिकारियों ने आयुक्त को सूचित किया कि प्रवर्तन शाखा ने पिछले दो माह में महाजन के दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए कई बेशकीमती सरकारी संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया है।

प्रवर्तन शाखा के अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान ज़ोनवार सर्वेक्षण कर अतिक्रमण की पहचान की गई और तत्काल कार्रवाई की गई। इसके तहत विभिन्न प्रकार के अवैध निर्माण हटाए गए और कब्जाधारियों को कानूनी नोटिस जारी किए गए। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई में पूरी पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया।

आयुक्त महाजन ने बैठक में ज़ोर देते हुए कहा कि सरकारी संपत्ति की रक्षा और अतिक्रमण को रोकना JDA की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को निरंतर बनाए रखा जाए और इसके साथ ही भविष्य में अवैध कब्जे रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाए।

विशेष रूप से चर्चा की गई ज़ोन 10, 13, 14, 15, 16, 22, 23, 24 और 25 में अतिक्रमण हटाने के कार्यों की प्रगति को लेकर महाजन ने अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन शाखा द्वारा की गई कार्रवाई न केवल सरकारी संपत्ति की रक्षा करती है, बल्कि शहर के नियोजित विकास और नागरिकों के हित में भी महत्वपूर्ण है।

JDA के प्रवर्तन अभियान के तहत केवल जमीन को अतिक्रमण मुक्त करना ही नहीं बल्कि शहर के नियोजन और सौंदर्यीकरण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या कब्जा नगर नियोजन को प्रभावित न करे।

इस समीक्षा बैठक के दौरान यह भी तय किया गया कि भविष्य में अतिक्रमण रोकने और सरकारी जमीन को संरक्षित करने के लिए ज़ोनवार मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी अवैध कब्जे की जानकारी तुरंत JDA या स्थानीय प्रशासन को दें।

इस प्रकार, जयपुर विकास प्राधिकरण का अतिक्रमण मुक्त अभियान निरंतर गति पकड़ रहा है और आयुक्त सिद्धार्थ महाजन की सक्रिय निगरानी के कारण शहर की सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित रखने में सफलता मिल रही है। अधिकारी आश्वस्त हैं कि भविष्य में यह अभियान और अधिक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से चलाया जाएगा, जिससे जयपुर का नियोजित विकास सुनिश्चित हो सके।

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