जयपुर निकाय चुनाव: सबसे बड़े वार्डों में प्रत्याशियों की बढ़ी चुनौती, एक वोटर के लिए महज 5.7 सेकंड
निकाय चुनाव में सबसे ज्यादा मतदाताओं वाले वार्डों में प्रत्याशियों के लिए जनसंपर्क करना बड़ी चुनौती बन गया है। मतदाताओं की संख्या इतनी अधिक है कि सीमित समय में हर वोटर तक पहुंचना उम्मीदवारों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है।
जयपुर के वार्ड 26 में सबसे ज्यादा 30,576 मतदाता हैं। चुनाव प्रचार के अंतिम 48 घंटे यानी 1,72,800 सेकंड को अगर इन मतदाताओं में बांटा जाए तो एक वोटर के हिस्से में सिर्फ 5.7 सेकंड का समय आता है।
बड़े वार्डों में जनसंपर्क की चुनौती
बड़े वार्डों में उम्मीदवारों को घर-घर पहुंचने, लोगों से मिलने और अपनी बात रखने के लिए काफी कम समय मिल रहा है। ऐसे में प्रत्याशी छोटी-छोटी सभाओं, नुक्कड़ बैठकों और सोशल मीडिया के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
वार्ड में मतदाताओं की अधिक संख्या होने के कारण चुनावी रणनीति भी अलग तरीके से बनाई जा रही है।
अंतिम समय में बढ़ा प्रचार अभियान
मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही प्रत्याशियों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। बड़े वार्डों में उम्मीदवारों ने कार्यकर्ताओं की टीम बनाकर अलग-अलग इलाकों में जिम्मेदारियां बांट दी हैं।
कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं और प्रत्याशी अपनी प्राथमिकताओं व योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में जुटे हैं।
हर वोट की अहमियत
चुनाव में एक-एक वोट महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में अधिक मतदाताओं वाले वार्डों में प्रत्याशियों के सामने चुनौती सिर्फ प्रचार की नहीं, बल्कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी पहुंच बनाने की भी है।
अब देखना होगा कि बड़े वार्डों में मतदाताओं का रुझान किस ओर जाता है और कौन से उम्मीदवार इस चुनौती को बेहतर तरीके से संभाल पाते हैं।

