ईरान-यूएई तनाव: राजस्थान के सैकड़ों छात्र और यात्री फंसे, वीडियो में जाने फ्लाइट्स कैंसिल
ईरान के यूएई और दुबई में हालिया हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय एयरस्पेस बंद होने से राजस्थान के सैकड़ों लोग और छात्र विदेश में फंस गए हैं। जोधपुर, कोटा और सीकर के लगभग 100 से ज्यादा स्टूडेंट्स और अन्य यात्री शनिवार को फ्लाइट कैंसिल होने के चलते अपने गंतव्य तक नहीं पहुँच पाए।
घटना के समय दुबई और अबू धाबी एयरपोर्ट के पास धमाके भी सुनाई दिए। अचानक बंद हुए एयरस्पेस के कारण यात्रियों की फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं और उन्हें एयरपोर्ट से सुरक्षित होटल्स में स्थानांतरित किया गया। सभी यात्री भारत सरकार से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और जल्दी घर वापस लाने की मांग कर रहे हैं।
जयपुर एयरपोर्ट ने भी यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उन्हें सलाह दी गई है कि खाड़ी देशों की फ्लाइट्स फिलहाल सुरक्षित नहीं हैं और यात्रा योजना में देरी हो सकती है।
वहीं, इस तनाव का असर भारत के भीतर भी देखने को मिला। अजमेर में शिया समुदाय ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद 3 दिन के शोक की घोषणा की है। इसके तहत श्रद्धालुओं ने काले कपड़े पहनकर मातम मनाया और अपने घरों पर काले झंडे लगाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में इस प्रकार के हमलों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर व्यापक असर पड़ता है। इससे न केवल यात्रियों की योजनाओं में बाधा आती है, बल्कि एयरलाइनों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
राजस्थान के छात्र और यात्री जो विदेश में फंसे हैं, उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और उनकी स्थिति का लगातार ट्रैक रखा जा रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय और एयरलाइंस प्रशासन भी इस स्थिति को लेकर सक्रिय रूप से संपर्क में हैं।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए, यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा से पहले एयरलाइंस की वेबसाइट और सरकारी एडवाइजरी चेक करें। खाड़ी देशों में उड़ानें फिलहाल अस्थायी रूप से रद्द हैं, और स्थिति सामान्य होने तक नई फ्लाइट्स की घोषणा नहीं की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण इस तरह के फ्लाइट रद्द होना आम है। सुरक्षा कारणों से एयरस्पेस बंद रखना आवश्यक होता है, जिससे यात्रियों और विमान के कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति सीधे तौर पर आम नागरिकों और छात्रों की यात्रा योजनाओं को प्रभावित करती है। राजस्थान के फंसे हुए लोग और उनके परिवार इस समय भारत सरकार और एयरलाइंस से त्वरित मदद की उम्मीद कर रहे हैं।
इस प्रकार, ईरान और यूएई में हमलों के कारण राजस्थान के छात्रों और यात्रियों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। एयरपोर्ट और सरकार की सावधानी और तत्काल कार्रवाई के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा और घर वापसी प्रमुख चिंता बनी हुई है।

